राष्ट्रीय अपराध राजनीति मध्यप्रदेश कटनी आलेख बुरहानपुर जनसम्पर्क

आजादी के 79 साल बाद भी सड़क नहीं: सात गांवों की राह कीचड़ में, ग्रामीण बोले—अब आश्वासन नहीं, निर्माण चाहिए

— बसाली-कुंडिया मार्ग के लिए कलेक्टर और विधायक तक लगा चुके गुहार; बारिश में अस्पताल, स्कूल और तहसील पहुंचना मुश्किल

On: July 26, 2026 9:35 PM
Follow Us:
बसाली-कुंडिया के बदहाल कीचड़ भरे मार्ग पर सड़क निर्माण की मांग करते सात गांवों के ग्रामीण
  • ग्रामीणों की चेतावनी—जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर करेंगे आंदोलन

बुरहानपुर/खकनार। देश आजादी की 79वीं वर्षगांठ की ओर बढ़ रहा है, लेकिन खकनार क्षेत्र के सात से अधिक गांवों के लोगों को आज भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा का इंतजार है। ग्राम बसाली से कुंडिया तक का मार्ग बारिश शुरू होते ही कीचड़, गड्ढों और फिसलन में तब्दील हो गया है। वर्षों से मांग और जिम्मेदारों के आश्वासन सुनते आ रहे ग्रामीणों का रविवार को सब्र टूट गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण कुंडिया फाटा पहुंचे और बदहाल मार्ग की तस्वीर दिखाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल पक्की सड़क बनाने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि वे इस मार्ग के निर्माण के लिए पहले कलेक्टर और नेपानगर विधायक के सामने भी मांग रख चुके हैं, लेकिन अब तक न सड़क का प्रस्ताव धरातल पर उतरा और न आवागमन के लिए कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था की गई। हर बारिश में मार्ग की स्थिति बिगड़ती है, ग्रामीण विरोध करते हैं और जिम्मेदार अधिकारी आश्वासन देकर मामला ठंडा कर देते हैं।

सात गांवों की लाइफलाइन, फिर भी विभाग बेपरवाह

बसाली-कुंडिया मार्ग बसाली, साईखेड़ा, नागझिरी, आमगांव, उसारणी और नांदुरा सहित आसपास के सात से अधिक गांवों को खकनार तहसील से जोड़ने वाला सबसे नजदीकी रास्ता है। ग्रामीणों को तहसील कार्यालय, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, बैंक, वन विभाग और सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों के लिए इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। बारिश के दिनों में रास्ता दलदल में बदल जाता है। गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को उनकी गहराई तक नजर नहीं आती। दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और चारपहिया वाहन जगह-जगह फंस जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली विद्यार्थियों और किसानों को उठानी पड़ती है। किसानों के लिए उपज को बाजार तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना हो या विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचना हो, इस बदहाल रास्ते से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है।

विकास के दावों के बीच सड़क के लिए संघर्ष क्यों?

एक ओर ग्रामीण विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर कई गांव अब भी पक्की सड़क से वंचित हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब सड़क योजनाएं गांव-गांव तक पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, तब बसाली-कुंडिया मार्ग वर्षों से उपेक्षित क्यों है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि स्थायी सड़क निर्माण में समय लग रहा है तो कम से कम बारिश के दौरान मुरम, गिट्टी डालकर और पानी निकासी की व्यवस्था कर मार्ग को चलने योग्य बनाया जाना चाहिए था।

‘अब केवल भरोसा नहीं, काम शुरू होना चाहिए’

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रवि कुमार पटेल ने कहा कि सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिलता है। यदि जल्द निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण संगठित होकर आंदोलन करेंगे। जनपद सदस्य गणेश मावस्कर, उपसरपंच देवीदास और नंदू पटेल ने भी चेतावनी दोहराते हुए कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को वर्षों तक संघर्ष करना प्रशासनिक उपेक्षा को दर्शाता है। अब ग्रामीण लिखित आश्वासन नहीं, निर्माण कार्य की शुरुआत चाहते हैं।

धूलकोट सहित कई ग्रामीण मार्ग भी बदहाल

बसाली-कुंडिया ही नहीं, बारिश के कारण जिले के कई ग्रामीण मार्गों की स्थिति खराब हो चुकी है। आदिवासी बाहुल्य धूलकोट क्षेत्र में भी पिछले दिनों खराब रास्तों के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को परेशानी झेलते देखा गया। इसके बाद भी संबंधित विभागों ने समय रहते अस्थायी सुधार के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। ग्रामीणों ने मांग की कि जिले के बदहाल ग्रामीण मार्गों का तत्काल सर्वे कराया जाए। जहां स्थायी सड़क स्वीकृत नहीं है, वहां प्रस्ताव तैयार किया जाए और बारिश में आवागमन बनाए रखने के लिए अस्थायी सुधार कराया जाए।

कुंडिया फाटा पर हुए विरोध में माधो नाटो, ओमप्रकाश, बद्री वास्कले, पन्ना पटेल, संजय चौकसे, राहुल राठौर और रामदास महाराज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा—इस बार भी मांग अनसुनी हुई तो आंदोलन के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

 

 

 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

हिवरा और सांईखेड़ा बीट में वन कटाई की जांच के बाद तीन वनकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई

17 दिन की जंग से बचाया जंगल, ढाई साल बाद फिर चली कुल्हाड़ी… वन परिक्षेत्र सहायक समेत दो वनरक्षक निलंबित

बुरहानपुर जनजातीय विभाग में शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त नहीं होने और राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश की अनदेखी का मामला

जनजातीय विभाग में आदेशों की धज्जियां: शिक्षकों की कमी का रोना, अटैच शिक्षक अब भी कार्यालयों में कुर्सियों पर

खकनार पुलिस द्वारा देशी पिस्टल और पल्सर बाइक के साथ गिरफ्तार अंतरजिला अपराधी शाहरुख उर्फ शारुख खान

देशी पिस्टल के साथ हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार: हत्या-लूट के आरोपी शाहरुख तक पहुंची खकनार पुलिस, अंतरजिला हथियार नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी जांच

बुरहानपुर में सिंधी बस्ती से लोनी सीमा तक बन रही 54.13 करोड़ की सड़क पर बारिश के बीच खोदे गए गहरे गड्ढे।

सिंधी बस्ती-लोनी मार्ग : ₹54 करोड़ की सड़क… या मौत का इंतज़ार? बारिश में 5 फीट गहरे गड्ढों ने बढ़ाई दहशत

फोनपे पर फर्जी लिंक भेजकर महिला से 1.15 लाख रुपए की साइबर ठगी, शिकारपुरा पुलिस ने दर्ज किया मामला

’25 हजार रुपए आ रहे हैं…’ एक कॉल, दो लिंक और 15 मिनट में खाली हो गया खाता; साइबर ठगों ने महिला से 1.15 लाख रुपए उड़ाए

बुरहानपुर के भगवानिया गांव में करंट हादसे के मामले में बिजली विभाग के दो कर्मचारियों पर केस दर्ज

लाइन बंद थी… फिर अचानक दौड़ गया करंट; 25 वर्षीय युवक की मौत के बाद खुली बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, दो कर्मचारियों पर केस

Leave a Comment

PNFPB Install PWA using share icon

For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser