बुरहानपुर। लालबाग स्थित नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन (एनटीसी) की ताप्ती मिल के कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। करीब एक साल से वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। पिछले चार दिनों से कर्मचारी मिल के मुख्य द्वार के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं। उनका साफ कहना है—“वेतन नहीं तो काम नहीं।”
कर्मचारियों का आरोप है कि मिल प्रबंधन पिछले एक साल से केवल आश्वासन दे रहा है। कभी दो माह में वेतन आने की बात कही गई तो कभी चार माह में भुगतान का भरोसा दिलाया गया, लेकिन कर्मचारियों के खातों में अब तक राशि नहीं पहुंची। वेतन नहीं मिलने से कई परिवारों के सामने राशन, बच्चों की फीस, मकान का खर्च, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
सोमवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक सहित कांग्रेस नेता धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया। कांग्रेस नेताओं ने मिल के जनरल मैनेजर और अन्य अधिकारियों से चर्चा कर कर्मचारियों का पूरा बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की।
नियमित काम किया, फिर भी एक साल से खाली हाथ
कर्मचारी रविंद्र महाजन ने कहा कि कर्मचारी लगातार नियमित रूप से काम कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें करीब एक साल से वेतन नहीं मिला है। प्रबंधन की ओर से हर बार नई तारीख और नया आश्वासन दिया जाता है। उन्होंने कहा, “पहले कहा गया कि दो माह में वेतन मिल जाएगा, फिर चार माह का समय बताया गया। इसी तरह करते-करते पूरा एक साल निकल गया, लेकिन वेतन नहीं मिला। परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। चार दिन से हम हड़ताल पर हैं। जब तक बकाया वेतन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।” कर्मचारियों का कहना है कि अब केवल दो माह की सैलरी जारी करने की बात की जा रही है, जबकि एक साल का बकाया भुगतान होना बाकी है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि आंशिक भुगतान से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
आर्थिक संकट में कर्मचारी, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने आरोप लगाया कि एक साल से कर्मचारी वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्र के सांसद और विधायक ने इस गंभीर मामले पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। कई कर्मचारी कर्ज लेकर घर चला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और केंद्र सरकार के अधीन आने वाला मिल प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखा रहा है। रिंकू टाक ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने जनरल मैनेजर और अन्य अफसरों से चर्चा कर जल्द भुगतान की मांग की है। वेतन जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मामले से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अवगत कराया जाएगा और ताप्ती मिल के कर्मचारियों का मुद्दा लोकसभा में उठवाने का प्रयास किया जाएगा।
दो माह का वेतन देने का आश्वासन, बाकी भुगतान डेढ़ माह बाद
कांग्रेस नेताओं के अनुसार मिल अधिकारियों ने कर्मचारियों का दो माह का वेतन जल्द जारी करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने शेष बकाया राशि भी करीब डेढ़ माह के भीतर देने की बात कही है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि तय समय में वेतन जारी नहीं हुआ तो दो दिन बाद वे फिर मिल प्रबंधन से मुलाकात करेंगे। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर कर्मचारियों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
कोरोना के बाद उत्पादन ठप, एनटीसी की 23 मिलें स्थगित
ताप्ती मिल के कारखाना प्रबंधक सुधीर कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद से एनटीसी की 23 मिलें स्थगित स्थिति में हैं। ताप्ती मिल में भी उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए एनटीसी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। भुगतान में आ रही तकनीकी समस्या को दूर कर लिया गया है। एक-दो दिन के भीतर कर्मचारियों के दो माह का वेतन जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
कर्मचारियों का सवाल—जब उत्पादन बंद है तो भविष्य क्या?
ताप्ती मिल में उत्पादन लंबे समय से बंद रहने और नियमित वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन केवल वेतन जारी करने की तारीख बताने के बजाय यह भी स्पष्ट करे कि मिल दोबारा कब शुरू होगी और कर्मचारियों की नौकरी तथा शेष बकाया भुगतान को लेकर क्या ठोस योजना है। फिलहाल मिल गेट पर धरना जारी है। कर्मचारियों की मांग है कि एक साल का पूरा वेतन तत्काल जारी किया जाए और मिल संचालन को लेकर लिखित और स्पष्ट निर्णय दिया जाए। चार दिनों से जारी आंदोलन ने अब एनटीसी प्रबंधन के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।