बुरहानपुर। शाहपुर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग बहनों के कथित यौन शोषण की जांच में चौंकाने वाली परतें सामने आई हैं। आरोप है कि जिस मां पर बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने आर्थिक लाभ के लिए दोनों नाबालिगों को अलग-अलग पुरुषों के पास कथित तौर पर पत्नी के रूप में रहने के लिए सौंप दिया। पुलिस जांच में दोनों बालिकाओं के साथ बलात्कार और यौन शोषण के आरोप सामने आए हैं। दोनों पीड़िताएं गर्भवती पाई गई हैं।
शाहपुर पुलिस ने इस गंभीर मामले में 21 अगस्त को केस दर्ज किया था। दो दिन बाद 23 अगस्त को पीड़िताओं की मां, गोविंदा पिता पप्पू बरेला और कमलेश पिता नानसिंह बरेला को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष नामजद आरोपियों की तलाश जारी है। इस केस में अब डीएनए जांच सबसे अहम वैज्ञानिक कड़ी बनने जा रही है। पुलिस दोनों पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण करा चुकी है और अब बयान, मेडिकल रिपोर्ट, डीएनए, कथित आर्थिक लेन-देन तथा अन्य दस्तावेजी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर हर आरोपी की भूमिका तय कर रही है।
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दिसंबर 2024 से शुरू हुई पहली पीड़िता की कहानी, तीन आरोपियों तक पहुंची जांच
पुलिस विवेचना में पहली नाबालिग पीड़िता को लेकर गंभीर तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, उसे दिसंबर 2024 से अलग-अलग समयावधि में गिरधर पिता भूरमल बरेला, शेर सिंह पिता कुटलिया बरेला और बाद में गोविंदा पिता पप्पू बरेला के पास रखे जाने संबंधी तथ्य मिले हैं। यानी पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नाबालिग को एक के बाद दूसरे व्यक्ति के पास किन परिस्थितियों में भेजा गया? इसमें किसकी क्या भूमिका थी? वह प्रत्येक आरोपी के पास कितने समय रही और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कथित आर्थिक लेन-देन की कड़ी क्या थी?
गोविंदा से जुड़ा ₹1 लाख का लेन-देन, पुलिस खंगाल रही पूरी कड़ी
पहली नाबालिग से जुड़े मामले में आरोपी गोविंदा को लेकर ₹1 लाख के आर्थिक लेन-देन की बात विवेचना में सामने आई है। पुलिस अब रकम के स्रोत, भुगतान और प्राप्तकर्ता से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। इस आर्थिक लेन-देन का नाबालिग को गोविंदा के पास रखे जाने से क्या संबंध था, इसे भी साक्ष्यों के आधार पर जांचा जा रहा है। पुलिस का फोकस केवल गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की कड़ी को वैज्ञानिक और दस्तावेजी प्रमाणों से जोड़ने पर है।
दूसरी नाबालिग कमलेश के पास मिली कड़ी
दूसरी नाबालिग पीड़िता को लेकर जांच आरोपी कमलेश पिता नानसिंह बरेला तक पहुंची। पुलिस को उसे कमलेश के पास रखे जाने से संबंधित तथ्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिगों के साथ यौन शोषण और बलात्कार किए जाने के आरोप हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए मेडिकल और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
दोनों नाबालिग गर्भवती, मेडिकल के बाद अब DNA पर नजर
केस की सबसे गंभीर कड़ी दोनों नाबालिगों का गर्भवती पाया जाना है। इसके बाद पुलिस ने दोनों का आवश्यक मेडिकल परीक्षण कराया है। अब डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है। यह वैज्ञानिक जांच गर्भावस्था से जुड़े तथ्यों की पड़ताल और संबंधित आरोपियों की भूमिका की जांच में अहम साबित होगी। इसके अलावा पीड़िताओं के कथन और मेडिकल रिपोर्ट को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया है।
मां पर सबसे गंभीर आरोप—पैसों के लिए बेटियों को सौंपा
पुलिस विवेचना में पीड़िताओं की मां की भूमिका जांच के केंद्र में है। आरोप है कि उसने आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अपनी दोनों नाबालिग बेटियों को अलग-अलग व्यक्तियों के पास पत्नी के रूप में रहने के लिए सौंपा। इसी आरोप के आधार पर पुलिस ने मां को भी प्रकरण में आरोपी बनाया। लगातार तलाश के बाद 23 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
21 अगस्त को केस, 23 को तीन आरोपी सलाखों के पीछे
शाहपुर थाने में 21 अगस्त को अपराध क्रमांक 516/2026 दर्ज किया गया। मामले में BNS की धारा 64(2)(एफ), 64(2)(जे), 64(2)(एम), 65(1), 3(5) लगाई गई हैं। इसके साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 9, 10 और 11 तथा POCSO एक्ट की धारा 5(j)(ii), 5(l) और 6 के तहत भी कार्रवाई की गई है। एफआईआर के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की और 23 अगस्त को माँ, गोविंदा और कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की गई।
तीन गिरफ्तार, लेकिन कहानी अभी अधूरी; शेष आरोपियों की तलाश
तीन गिरफ्तारियों के बावजूद पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। प्रकरण में नामजद शेष आरोपियों की तलाश जारी है। पहली पीड़िता को अलग-अलग समय पर जिन आरोपियों के पास रखे जाने की बात सामने आई है, उसमें प्रत्येक की भूमिका अलग-अलग जांची जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित आर्थिक लेन-देन किस स्तर पर हुआ, किसे रकम मिली और बच्चियों को अलग-अलग व्यक्तियों तक पहुंचाने में कौन-कौन शामिल रहा।
बयान+मेडिकल+DNA+पैसों का लेन-देन—चार कड़ियों पर टिकी जांच
इस केस में पुलिस की जांच मुख्य रूप से पीड़िताओं के कथन, मेडिकल रिपोर्ट, डीएनए सहित वैज्ञानिक साक्ष्य और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों पर आगे बढ़ रही है। इनके साथ अन्य दस्तावेजी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। इन प्रमाणों के आधार पर पुलिस हर आरोपी की भूमिका निर्धारित करेगी और विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



