बुरहानपुर। खंडवा के दो युवकों को निंबोला थाने ले जाकर कथित रूप से रातभर बेल्ट और पाइप से पीटने के मामले में आखिरकार पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। एसपी आशुतोष बागरी ने निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले और प्रधान आरक्षक मातादीन कुशवाह को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं नावरा चौकी प्रभारी अजय सिंह चौहान को निंबोला थाने का प्रभार सौंपा गया है।
दरअसल मामला 1 सितंबर का है। खंडवा के नारायण नगर निवासी रणजीत जांगिड़ और सज्जन सिंह नागर बस की एनओसी के सिलसिले में बुरहानपुर आए थे। युवकों का आरोप है कि लौटते समय रास्ते में एक वाहन से टक्कर के बाद विवाद हो गया। परेशानी में फंसे युवकों ने मदद की उम्मीद में डायल-112 को फोन किया, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस उन्हें ही निंबोला थाने लेकर पहुंच गई। यहीं से मामला गंभीर हो गया। युवकों ने आरोप लगाया कि थाने में उन्हें रातभर रखा गया और बेल्ट व पाइप से बर्बरता से पीटा गया। इतना ही नहीं, परिजनों से बात तक नहीं करने दी गई। अगले दिन उनके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया।
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अस्पताल पहुंचे युवक, वीडियो सामने आया तो उठे सवाल
मामला तब चर्चा में आया जब दोनों युवक खंडवा जिला अस्पताल में भर्ती हुए और उनका वीडियो सामने आया। युवकों ने वीडियो में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद निंबोला पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे और मामला एसपी तक पहुंचा। एसपी आशुतोष बागरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेपानगर एसडीओपी सुरेश महाले से तथ्यात्मक प्रतिवेदन मांगा। एसडीओपी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट एएसपी प्रदीप शेंडे को सौंपी। जांच प्रक्रिया के बाद एसपी ने थाना प्रभारी राहुल कांबले और प्रधान आरक्षक मातादीन कुशवाह को लाइन अटैच करने के आदेश दिए।
TI का दावा था—नशे में थे युवक, पुलिस ने नहीं की मारपीट
हालांकि निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले ने शुरुआत से ही युवकों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को निराधार बताया था। उनका कहना था कि दोनों युवक शराब के नशे में थे और हंगामा कर रहे थे। पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी भी की गई थी। कांबले ने थाने में किसी तरह की मारपीट किए जाने से इनकार किया था। एक तरफ युवकों ने थाने में रातभर बेल्ट-पाइप से पीटने जैसे गंभीर आरोप लगाए, दूसरी तरफ तत्कालीन थाना प्रभारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी जांच कराई और अब दो पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई हुई है।
निंबोला थाने की कमान बदली, अजय सिंह चौहान को प्रभार
कार्रवाई के साथ निंबोला थाने की कमान भी बदल दी गई है। नावरा चौकी प्रभारी अजय सिंह चौहान को निंबोला थाना प्रभारी का प्रभार सौंपा गया है। वहीं राहुल कांबले और प्रधान आरक्षक मातादीन कुशवाह को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। एसपी आशुतोष बागरी ने कहा— निंबोला टीआई राहुल कांबले और प्रधान आरक्षक मातादीन कुशवाह को लाइन अटैच किया गया है। नावरा चौकी प्रभारी को निंबोला थाने का प्रभार दिया गया है।
सवाल इसलिए भी गंभीर— मदद मांगने वालों ने पुलिस पर ही लगाए मारपीट के आरोप
पूरे घटनाक्रम में सबसे गंभीर पहलू युवकों का यह आरोप है कि उन्होंने विवाद के बाद मदद के लिए डायल-112 को फोन किया था, लेकिन बाद में उन्हें ही थाने ले जाया गया और वहां मारपीट हुई। इन आरोपों का पुलिस की ओर से खंडन भी किया गया। अब वरिष्ठ अधिकारियों की जांच के बाद TI और प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच किए जाने से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल लाइन अटैच की कार्रवाई विभागीय प्रशासनिक कार्रवाई है। युवकों द्वारा लगाए गए आरोपों में आगे कोई आपराधिक या अन्य विभागीय कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।



