बुरहानपुर। घर से मोटरसाइकिल लेकर निकला युवक 17 दिन तक लापता रहा। परिजन उसकी तलाश में भटकते रहे। पुलिस जंगलों और तालाबों में उसे खोजती रही। आखिरकार संदिग्धों से पूछताछ में ऐसी कहानी सामने आई, जिसने पूरे मामले को हत्या की साजिश में बदल दिया। पुलिस के मुताबिक, युवक को पहले सुनियोजित तरीके से खेत के पास बुलाया गया। वहां डंडों और पत्थरों से हमला करने के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को मोटरसाइकिल से बांधकर तालाब में फेंक दिया गया, ताकि लाश पानी की सतह पर न आए और हत्या का राज दफन हो जाए।
यह सनसनीखेज मामला बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र का है। ग्राम नागझिरी निवासी मालसिंग 6 सितंबर से लापता था। पुलिस ने अब उसकी हत्या का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि वारदात में शामिल दो विधि विरुद्ध बालकों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। हत्या की साजिश का खुलासा होने के बावजूद सबसे बड़ा सवाल बरकरार है—आखिर मालसिंग की लाश कहां है? आरोपियों के बताए अनुसार शव को नांदुरा के बड़े तालाब में फेंका गया था, लेकिन 17 दिन बाद भी शव बरामद नहीं हो सका है।
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शाम 4 बजे घर से निकला, दो घंटे बाद मौत के जाल में फंस गया
पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर की शाम करीब 4 बजे मालसिंग अपनी होंडा शाइन मोटरसाइकिल क्रमांक MP68MH5327 लेकर घर से निकला था। उसने परिजनों को यह नहीं बताया था कि वह कहां जा रहा है। रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। दो दिन बाद, 8 सितंबर को परिजनों की शिकायत पर खकनार पुलिस ने अपराध क्रमांक 425/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3) के तहत जांच शुरू की। शुरुआत में मामला अपहरण का था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को हत्या की साजिश के सुराग मिलने लगे। पुलिस के मुताबिक, जिस दिन मालसिंग घर से निकला था, उसी दिन शाम करीब 6 बजे आरोपियों ने उसे खेत के पास बने छोटे तालाब पर बुलाया था। मालसिंग अपनी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा, जहां पहले से उसकी हत्या की योजना बनाई जा चुकी थी।
खेत के पास बुलाया, डंडे-पत्थरों से हमला किया और गला दबाकर मार डाला
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जगन, प्रताप और लालसिंह ने दो नाबालिगों के साथ मिलकर मालसिंग की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत उसे खेत के पास बने छोटे तालाब पर बुलाया गया। मालसिंग जैसे ही वहां पहुंचा, आरोपियों ने एकजुट होकर उस पर डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, हमले के बाद आरोपियों ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। यह अचानक हुए विवाद में मारपीट का मामला नहीं, बल्कि पुलिस की जांच के अनुसार पहले से रची गई हत्या की साजिश थी। मालसिंग को घटनास्थल पर बुलाने से लेकर शव को ठिकाने लगाने तक आरोपियों की भूमिकाएं सामने आई हैं। हालांकि, मालसिंग की हत्या आखिर किस वजह से की गई, इसका खुलासा पुलिस की ओर से जारी जानकारी में नहीं किया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है।
हत्या के बाद शव छिपाने की साजिश: बाइक को बनाया वजन, ड्रिप पाइप से बांधकर तालाब में फेंका
मालसिंग की हत्या के बाद आरोपियों के सामने शव को छिपाने की चुनौती थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शव को ऐसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई कि वह पानी में डूबा रहे और किसी को हत्या की भनक तक न लगे। इसके लिए खेत में लगी ड्रिप सिंचाई की पाइप का इस्तेमाल किया गया। आरोपियों ने मालसिंग के शव को उसकी ही मोटरसाइकिल से बांध दिया। इसके बाद शव और मोटरसाइकिल को नांदुरा के बड़े तालाब में ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का मकसद मोटरसाइकिल के वजन से शव को पानी के भीतर दबाए रखना था, ताकि वह सतह पर न आ सके। इस तरह जिस मोटरसाइकिल पर सवार होकर मालसिंग घर से निकला था, उसी से उसका शव बांधकर तालाब में फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या के बाद आरोपियों का सहयोग करने वाले रडतिया को भी गिरफ्तार किया है।
17 दिन तक परिजन तलाशते रहे, अब शव की बरामदगी बनी सबसे बड़ी चुनौती
मालसिंग के लापता होने के बाद उसके परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। पुलिस ने भी जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आमगांव के जंगल और नांदुरा तालाब सहित आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू की थी। इस बीच आरोपियों से पूछताछ में हत्या और शव को तालाब में फेंकने की जानकारी सामने आई। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मालसिंग का शव बरामद करना है। नांदुरा तालाब में एसडीईआरएफ की टीम के साथ फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन कैमरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आमगांव के जंगलों, तालाब और आसपास की खाइयों में भी सघन कॉम्बिंग की जा रही है। हालांकि, 23 सितंबर तक पुलिस की ओर से शव बरामद होने की पुष्टि नहीं की गई है। हत्या का खुलासा हो चुका है, आरोपी भी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन शव नहीं मिलने से मामले की फॉरेंसिक जांच और मौत से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों की पुष्टि अभी बाकी है।
तीन आरोपियों ने दो नाबालिगों के साथ बनाई योजना, चौथा शव छिपाने में सहयोग के आरोप में पकड़ा गया
पुलिस ने मामले में चार वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो विधि विरुद्ध बालकों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में जगन पिता रिछु भास्कले (30), निवासी आमगांव; प्रताप पिता कालू अखाड़े (21), निवासी मगरडोह; लालसिंह पिता सरदार गोथरे (22), निवासी मगरडोह और रडतिया पिता गोरेलाल अखाड़े (22), निवासी आमगांव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, जगन, प्रताप और लालसिंह ने दो नाबालिगों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी, जबकि रडतिया पर आरोपियों को सहयोग करने का आरोप है। सभी छह आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस की विवेचना जारी है।
हत्या का राज खुला, लेकिन इन सवालों के जवाब अभी बाकी
मालसिंग की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर वारदात का खुलासा करने का दावा किया है, लेकिन जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। हत्या की वजह क्या थी? मालसिंग को रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने इतनी बड़ी साजिश क्यों रची? क्या इसके पीछे कोई पुराना विवाद था या कोई अन्य कारण? पुलिस की ओर से अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है। शव और मोटरसाइकिल कहां हैं? आरोपियों ने दोनों को नांदुरा तालाब में फेंकने की बात बताई है, लेकिन उनकी बरामदगी को लेकर पुलिस ने अभी कोई पुष्टि नहीं की है। हत्या के भौतिक साक्ष्य क्या मिले? डंडे-पत्थरों, ड्रिप पाइप और अन्य संभावित साक्ष्यों की बरामदगी तथा फॉरेंसिक जांच के संबंध में भी पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही हत्या के पूरे घटनाक्रम, आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिकाओं और वारदात के पीछे के कारणों की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में खकनार पुलिस की कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक अनुराग और उप पुलिस महानिरीक्षक सिमाला प्रसाद के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के मार्गदर्शन में मामले की जांच की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेंडे, एसडीओपी नेपानगर वैभव प्रिया (भापुसे) और उप पुलिस अधीक्षक सुरेश महाले के नेतृत्व में खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव एवं उनकी टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ जारी है और शव की बरामदगी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फिलहाल, मालसिंग की हत्या की साजिश का खुलासा करने का दावा करने वाली पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती शव की बरामदगी और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना है। 17 दिन से अपने बेटे की तलाश कर रहे परिजनों को अब उसकी देह मिलने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।



