बुरहानपुर। शिकारपुरा थाना क्षेत्र में केबल वायर चोरी के एक मामले की जांच ने पुलिस को दूसरी चोरी की घटनाओं तक पहुंचने का सुराग दिया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की केबल वायर और वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कीमत करीब 6 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने अन्य थाना क्षेत्रों में भी केबल वायर चोरी की वारदातों में संलिप्तता की जानकारी दी है। अब उन घटनाओं में आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक शिकारपुरा क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने चोरी पर अंकुश लगाने और वारदातों में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद शिकारपुरा थाने में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने क्षेत्र में पतारसी करने के साथ संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान अपराध क्रमांक 329/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज केबल वायर चोरी के मामले में पुलिस तीन आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में संदीप पिता कडू कोली (25), निवासी महल गुराड़ा थाना शिकारपुरा; सुखदेव पिता रमेश मोने (23), मूल निवासी मदन महल जबलपुर, हाल निवासी सुभाष चौक थाना कोतवाली; और शाहरुख पिता शेख फिरोज (25), निवासी आजाद नगर बुरहानपुर शामिल हैं।
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केबल के साथ औजार भी मिले, अब दूसरी वारदातों की जांच
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की केबल वायर के साथ वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार भी जब्त किए हैं। इनकी कुल कीमत करीब ₹6 हजार बताई गई है। मामले में अहम मोड़ आरोपियों से पूछताछ के दौरान आया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अन्य थाना क्षेत्रों में हुई केबल वायर चोरी की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी सामने आई है। हालांकि किन थाना क्षेत्रों की कितनी वारदातों में आरोपियों की भूमिका सामने आई है, इसका विस्तृत खुलासा पुलिस ने फिलहाल नहीं किया है। प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित चोरी के मामलों में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
विशेष टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार सेंडे और नगर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह कुशवाह के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस टीम में उप निरीक्षक जगदीश राठौर, प्रधान आरक्षक गणेश पाटिल, आरक्षक विनोद परिहार और आरक्षक दुर्गेश सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अब जांच का फोकस उन दूसरी केबल चोरी की घटनाओं पर है, जिनके बारे में पुलिस को पूछताछ में जानकारी मिलने का दावा है। इन मामलों में आरोपियों की भूमिका की पुष्टि होने पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



