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बुरहानपुर में दीनदयाल उपाध्याय की पहली प्रतिमा भूमिपूजन पर सांसद का झलका दर्द, कहा- कई बार साथ उठने-बैठने वाले ही पैदा कर देते हैं उलझनें

- 20-25 साल पुराना संकल्प अब जमीन पर: सांसद बोले—‘अच्छे काम में बहुत कठिनाइयां आती हैं, बुरे काम में कोई कठिनाई नहीं’

बुरहानपुर। करीब 20 से 25 साल पहले देखा गया सपना आखिरकार प्रतिमा स्थापना की आधारशिला तक पहुंच गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर गुजराती मार्केट स्थित गांधी भवन के सामने उनकी प्रतिमा स्थापित करने के लिए भूमिपूजन किया गया। इसे जिले में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पहली प्रतिमा बताया गया है।

Sadaiv News
बुरहानपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के भूमिपूजन कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील

कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस, नेपानगर विधायक मंजू दादू, महापौर माधुरी अतुल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने और पूर्व महापौर अतुल पटेल सहित जनप्रतिनिधियों ने पूजन कर प्रतिमा स्थापना की आधारशिला रखी। समारोह में प्रतिमा स्थापना के साथ ही इसके पीछे चले लंबे प्रयासों का जिक्र भी हुआ। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने मंच से कहा कि पूर्व महापौर अतुल पटेल ने करीब 20-25 साल पहले यहां दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा लगाने का संकल्प लिया था, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। अब महापौर माधुरी पटेल के कार्यकाल में यह अवसर आया है।

सांसद के बयान ने खींचा ध्यान—‘साथ उठने-बैठने वाले भी कई बार उलझन पैदा कर देते हैं’

सांसद पाटील ने प्रतिमा स्थापना के पुराने प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा, “अच्छे काम करने में बहुत सारी कठिनाई आती है। बुरे काम में तो कोई कठिनाई नहीं आती, जब चाहे तब कर लो, लेकिन उसके परिणाम अच्छे नहीं आते।” इसके बाद सांसद ने कहा कि दिक्कत कोई दूसरा व्यक्ति पैदा करे तो समझ आता है, लेकिन कई बार “साथ में उठने-बैठने वाला ही उलझनें पैदा कर देता है।” उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। ऐसे में उनका इशारा किस ओर था, यह उन्होंने स्पष्ट नहीं किया। सांसद ने कहा कि पूर्व महापौर अतुल पटेल ने प्रतिमा स्थापना को लेकर पहले भी प्रयास किया, लेकिन उस समय काम पूरा नहीं हो सका। उन्होंने मौजूदा पहल का श्रेय महापौर माधुरी पटेल और पूर्व महापौर अतुल पटेल को दिया।

20-25 साल पहले संकल्प, अब भूमिपूजन; प्रतिमा लगने तक अभी बाकी है काम

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही रहा कि जिस प्रतिमा की स्थापना की बात करीब दो दशक से अधिक समय पहले शुरू होने की बात कही गई, उसका अब भूमिपूजन हुआ है। गुजराती मार्केट में गांधी भवन के सामने इसके लिए स्थान तय किया गया है। पूर्व महापौर अतुल पटेल ने स्वागत उद्बोधन में प्रतिमा स्थापना से जुड़ी जानकारी देते हुए इसे शहर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों के सहयोग के लिए आभार जताया। हालांकि भूमिपूजन के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रतिमा स्थापना का वास्तविक काम कितनी तेजी से पूरा होता है और शहर को प्रतिमा कब तक मिलती है।

सांसद ने अंत्योदय को सरकारी योजनाओं से जोड़ा

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की ‘अंत्योदय’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ की अवधारणा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का विकास ही समग्र विकास का आधार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकारों की आवास, मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत और नल से जल जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इन्हीं के माध्यम से अंत्योदय की भावना को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा केवल स्मारक बनकर न रहे, बल्कि युवा और नागरिक इससे राष्ट्र सेवा, अंत्योदय और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को समझें। उनके अनुसार महापुरुषों की प्रतिमाएं इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उनसे आने वाली पीढ़ी को उनके जीवन और संघर्ष के बारे में सीखने का अवसर मिलता है।

‘कोई व्यक्ति ऐसे ही महापुरुष नहीं बन जाता, तपना पड़ता है’

सांसद पाटील ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “कोई व्यक्ति महापुरुष ऐसे ही नहीं बन जाता। इसके लिए तपना पड़ता है, तब कहीं जाकर उनकी बात लोग मानते हैं।” उन्होंने प्रतिमा स्थापना को केवल निर्माण कार्य के रूप में नहीं, बल्कि दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने से जोड़कर देखा।

मंजू दादू बोलीं—प्रतिमा से नई पीढ़ी विचारों को जानेगी

नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कहा कि जिले में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पहली प्रतिमा स्थापित होना गौरव का अवसर है। उनके मुताबिक प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और सिद्धांतों से परिचित कराने का माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्र सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान को प्राथमिकता दी। उनके बताए मार्ग और विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अर्चना चिटनीस ने एकात्म मानववाद और अंत्योदय का किया उल्लेख

बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राष्ट्र और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों का उल्लेख करते हुए इन्हें वर्तमान समाज के लिए प्रासंगिक बताया।

महापौर बोलीं—बुरहानपुर के गौरव में जुड़ेगा नया अध्याय

महापौर माधुरी अतुल पटेल ने कहा कि प्रतिमा की स्थापना शहर के लिए गौरव का विषय है। इससे युवा पीढ़ी को दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और विचारों को जानने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रतिमा बुरहानपुर की पहचान और गौरव में नया अध्याय जोड़ेगी। पूर्व महापौर अतुल पटेल ने कहा कि जयंती पर प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन होना महत्वपूर्ण कदम है। उनके मुताबिक प्रतिमा दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और राष्ट्र सेवा के संकल्प की स्मृति को स्थायी रूप से जीवंत रखने का माध्यम बनेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा बताया।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रखी आधारशिला

कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामदास शिवहरे, पूर्व विधायक सुमित्रा कासडेकर, वरिष्ठ नेता प्रकाश कानूनगो, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष साधना तिवारी, जनपद उपाध्यक्ष आरती चौकसे, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटील, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद पाटील, सेवा संकल्प अभियान के जिला संयोजक मनोज टंडन, गजेंद्र पाटील, सांसद प्रतिनिधि आदित्य प्रजापति, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, एमआईसी चेयरमैन व पार्षद भरत इंगले, नितेश दलाल, भरत मराठे, महेंद्र इंगले, अमित नवलखे, राजेश महाजन और डॉ. दीपक वाभले सहित जनप्रतिनिधि, पार्षद और नगरवासी मौजूद रहे।

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