बुरहानपुर। जिस आधार सेंटर पर महिलाएं और युवतियां अपने जरूरी दस्तावेज बनवाने और अपडेट कराने पहुंचती हैं, उसी सेंटर के संचालक पर महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा है। मामला लोक सेवा केंद्र के सामने स्थित जिला दिव्यांग एवं सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय में संचालित आधार सेंटर का है। बुधवार दोपहर महिला से छेड़छाड़ की शिकायत सामने आने के बाद हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। सेंटर पर हंगामे की स्थिति बन गई। इसके बाद संचालक शाहरुख अंसारी को पुलिस के हवाले किए जाने की जानकारी सामने आई।
मामले ने सरकारी कार्यालय में संचालित आधार सेंटर की व्यवस्था और वहां आने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, संचालक पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
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कई दिनों से मिल रही थीं शिकायतें, बुधवार को मामला गरमाया
हिंदू जागरण मंच के अजीत परदेसी ने आरोप लगाया कि आधार सेंटर संचालक शाहरुख अंसारी के खिलाफ पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। उनका दावा है कि आधार कार्ड बनवाने, अपडेट कराने और अन्य कार्यों के लिए सेंटर पहुंचने वाली युवतियों के साथ छेड़छाड़ किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। परदेसी के मुताबिक, बुधवार दोपहर भी एक महिला के साथ इसी तरह की घटना की शिकायत मिली। इसके बाद कार्यकर्ता सेंटर पहुंचे और विरोध जताया। मौके पर विवाद की स्थिति बनने के बाद संचालक को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
सरकारी परिसर में सेंटर, महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
यह आधार सेंटर जिला दिव्यांग एवं सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय में संचालित है। ऐसे में यहां आने वाली महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि पूर्व में भी शिकायतें मिली थीं, तो वे किस स्तर पर की गई थीं और उन पर क्या कार्रवाई हुई, यह जांच का विषय है। साथ ही यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित सेंटर के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है।
कार्यकर्ताओं ने की कार्रवाई की मांग
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि आधार संबंधी कार्यों के लिए आने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पुलिस जांच से साफ होगी आरोपों की सच्चाई
फिलहाल पूरा मामला आरोपों और शिकायत के आधार पर सामने आया है। पुलिस का आधिकारिक बयान और आधार सेंटर संचालक का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि महिला की शिकायत में कितनी सत्यता है और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।

