Homeबुरहानपुरसीने से बच्चे को चिपकाए तड़पती रही...

सीने से बच्चे को चिपकाए तड़पती रही बंदरिया, अगले दिन मौत; अब इंसाफ के लिए वन विभाग दफ्तर में गूंजी हनुमान चालीसा

कादरिया स्कूल परिसर में कथित पैलेट गन हमले का मामला गरमाया; हिंदू संगठनों का आरोप—असली दोषियों को बचाकर कर्मचारियों पर की कार्रवाई, स्कूल प्रबंधन की भूमिका जांचने की मांग

बुरहानपुर। सीने से अपने बच्चे को लगाए घायल मिली बंदरिया की मौत ने अब बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शाही किला रोड स्थित कादरिया स्कूल परिसर में कथित पैलेट गन हमले के बाद बंदरिया की मौत से नाराज हिंदू संगठनों ने सोमवार को वन विभाग कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। गेट पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और सवाल उठाया कि आखिर इस घटना के वास्तविक जिम्मेदार कौन हैं? संगठनों ने आरोप लगाया कि वन विभाग असली दोषियों को बचा रहा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

बच्चे को सीने से लगाए घायल मिली थी, अगले दिन तोड़ दिया दम

Sadaiv News
बंदरिया की मौत के मामले में हिंदू संगठनों ने वन विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।

घटना 28 अक्टूबर की शाम की है। कादरिया स्कूल परिसर में करीब चार साल की बंदरिया घायल अवस्था में मिली थी। उसका बच्चा उससे चिपका हुआ था। आरोप है कि बंदरिया पर पैलेट गन से हमला किया गया था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद घायल बंदरिया का रेस्क्यू किया। हालांकि, अगले ही दिन उसकी मौत हो गई। बच्चे को सीने से लगाए घायल बंदरिया की इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया। उसकी मौत के बाद हिंदू संगठनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।

वन विभाग के गेट पर हनुमान चालीसा, कार्रवाई पर उठाए सवाल

सोमवार को हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, शिवसेना और नरेंद्र मोदी विचार मंच के पदाधिकारी व कार्यकर्ता वन विभाग कार्यालय पहुंचे। यहां नारेबाजी कर विरोध जताया और गेट के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया। संगठन के अजीत परदेसी, महेश सिंह चौहान और खंडवा विभाग संयोजक भूषण पाटील ने कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि घटना को अंजाम देने वाले वास्तविक लोगों के बजाय दूसरे कर्मचारियों और चौकीदार को आरोपी बनाया गया है। महेश सिंह चौहान ने सवाल उठाया कि यदि इस तरह की घटना किसी इंसान के साथ होती तो क्या तब भी जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास किया जाता? उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और स्कूल प्रबंधन की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की।

दो आरोपी पकड़े, तीसरे की तलाश; प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग बरकरार

प्रदर्शन के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने दावा किया कि मामले का तीसरा आरोपी फरार है। उन्होंने कहा कि केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई से सवाल खत्म नहीं होते। घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका सामने आनी चाहिए। हालांकि, वन विभाग ने संगठनों के आरोपों की पुष्टि नहीं की है। विभाग के अनुसार अब तक दो आरोपियों को पकड़ा गया है और जांच जारी है।

डीएफओ बोले—पोस्टमार्टम कराया, साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

वन मंडलाधिकारी विद्याभूषण सिंह ने बताया कि बंदरिया घायल अवस्था में मिली थी और अगले दिन उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद वन अपराध दर्ज किया गया। अब तक दो आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। मामले की विवेचना जारी है। एसडीओ वन विनय मेश्राम ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों से चर्चा के बाद संगठन पदाधिकारी लौट गए, लेकिन बंदरिया पर हमला किसने किया, इसमें और कौन शामिल था तथा स्कूल प्रबंधन की कोई भूमिका थी या नहीं—इन सवालों का जवाब अब जांच से ही सामने आएगा।

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles