बुरहानपुर। ग्राम अंबा की प्राथमिक शाला में शुक्रवार को कुछ ऐसा हुआ, जिसने सामान्य निरीक्षण को बच्चों के लिए खास बना दिया। कक्षा तीसरी में अचानक जिले के कलेक्टर विवेक कुमार पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और फिर शिक्षक की भूमिका में ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल लिखने लगे। जोड़-गुणा समझाया, पहाड़े याद करने के आसान तरीके बताए और बच्चों को सवाल हल करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसी बीच कक्षा तीसरी की छात्रा रूपा आगे आई और पूरे आत्मविश्वास के साथ बोर्ड पर गणित के सवाल हल करके दिखाए। कलेक्टर ने बच्ची का उत्साह बढ़ाया और अन्य विद्यार्थियों को भी उससे प्रेरणा लेने की सीख दी। सरकारी स्कूल की इस छोटी-सी कक्षा में पढ़ाई के साथ बच्चों का आत्मविश्वास भी निरीक्षण का केंद्र बन गया।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को ग्राम अंबा पहुंचे कलेक्टर विवेक कुमार ने शैक्षणिक संस्थाओं और स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। प्राथमिक शाला में उन्होंने केवल व्यवस्थाएं ही नहीं देखीं, बल्कि खुद बच्चों को पढ़ाकर उनकी शैक्षणिक समझ जानने का प्रयास किया। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सवालों के जवाब दिए और उनसे संवाद किया।
Table of Contents
जब कलेक्टर ने संभाला ब्लैकबोर्ड, बच्चों को समझाया गणित
कक्षा तीसरी में कलेक्टर ने बच्चों को गणित के सवाल हल करने की सरल विधियां बताईं। उन्होंने पहाड़े रटने के बजाय उन्हें समझने और याद रखने के आसान तरीके सिखाए। छात्रा रूपा ने जब बोर्ड पर सवाल हल किए तो कलेक्टर ने उसके आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि नियमित अभ्यास, मेहनत और आत्मविश्वास से कठिन विषयों को भी आसानी से सीखा जा सकता है। बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी।
हाईस्कूल में पूछा- कैसी चल रही पढ़ाई, भविष्य में क्या बनना चाहते हो?
प्राथमिक शाला के बाद कलेक्टर ने ग्राम अंबा के हाईस्कूल का औचक निरीक्षण किया। कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया तथा शैक्षणिक गतिविधियों और शिक्षा की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की सीख दी। साथ ही विद्यालय परिसर में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
स्वास्थ्य केंद्र में रजिस्टर जांचे, दवाओं की उपलब्धता पर ली जानकारी
स्कूलों के निरीक्षण के बाद कलेक्टर आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मरीजों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं की स्थिति जानी। चिकित्सकों से चर्चा कर रजिस्टर तथा दैनिक पंजी का अवलोकन किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने और रिकॉर्ड सहित अन्य कार्यों की भौतिक जांच कराने के निर्देश दिए।
सात किलोमीटर दूर मलगांव फलाया पहुंचे, ग्रामीणों से जाना कैसे चल रही आजीविका
कलेक्टर ने ग्राम अंबा में ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और स्थानीय आवश्यकताएं जानीं। पंचायत सचिव से विकास कार्यों की जानकारी लेकर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। इसके बाद वे अंबा से करीब सात किलोमीटर दूर मलगांव फलाया पहुंचे। यहां रहवासियों से रोजगार, आजीविका के साधनों और स्थानीय परिस्थितियों पर चर्चा की। भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत जलान्द्रा की शासकीय शालाओं का भी निरीक्षण किया गया।
एक सवाल, एक जवाब और आत्मविश्वास की सीख
कलेक्टर के इस दौरे में प्रशासनिक निरीक्षण के साथ शिक्षा का मानवीय पहलू भी सामने आया। कक्षा तीसरी की छात्रा रूपा ने ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल हल कर अपनी समझ और आत्मविश्वास का परिचय दिया। वहीं, कलेक्टर ने खुद शिक्षक बनकर बच्चों को यह संदेश दिया कि पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि सवाल पूछने, समझने और पूरे विश्वास के साथ उनका जवाब देने का भी नाम है।

