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DEO ऑफिस का घेराव- शिक्षकों के बिना कैसे पढ़ाई करें, हमारा भविष्य हो रहा खराब 

एबीवीपी पदाधिकारियों, छात्राओं ने डीईओ ऑफिस में की नारेबाजी, डीईओ को गेट पर रोका डीईओ ने कहा दो दिनों में समस्या निराकरण करेंगे, कन्या स्कूल का मामला बुरहानपुर। सर, हमारे यहां न मैथ्स की टीचर है न ही हिन्दी, संस्कृत की। आखिर आप ही बताएं कि हम किस तरह पढ़ाई करेंगे। ऐसे में तो हमारा […]

बुरहानपुर। सर, हमारे यहां न मैथ्स की टीचर है न ही हिन्दी, संस्कृत की। आखिर आप ही बताएं कि हम किस तरह पढ़ाई करेंगे। ऐसे में तो हमारा भविष्य खराब हो जाएगा। आप हमारी समस्या का निराकरण कराएं।
यह बात कन्या स्कूल की छात्राओं ने जिला शिक्षाधिकारी संतोष सिंह सोलंकी से सोमवार दोपहर कही। दरअसल शहर में संचालित सावित्रीबाई फुले कन्या स्कूल में शिक्षकों की कमी है। इसकी शिकायत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को मिलने पर पदाधिकारी, छात्राओं के साथ डीईओ ऑफिस पहुंचे। यहां डीईओ को गेट पर ही रोककर समस्या से अवगत कराया तो वहीं नारेबाजी भी की गई।
स्कूल में 4 विषयों के शिक्षक ही नहीं
Sadaiv Newsछात्राओं ने कहा स्कूल में कक्षा आठवीं के चार विषयों के शिक्षक ही नहीं है। इससे छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। यही वजह है कि छात्राएं अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने एबीवीपी पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। एबीवीपी के नगर सह मंत्री प्रियांशु ठाकुर की ओर से डीईओ को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा गया कि सावित्री बाई फुले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6वीं से आठवीं जो कि बोर्ड है यहां शिक्षकों की कमी से छात्राओं को पढ़ाई में कठिनाई आ रही है। इस समस्या का जल्द निराकरण कराएं।
डीईओ को गेट पर रोक कर बताई समस्या
जब छात्राएं डीईओ ऑफिस पहुंची तो डीईओ नहीं थे। इस दौरान छात्राओं, एबीवीपी पदाधिकारियों ने काफी देर तक नारेबाजी की। वहीं जैसे ही डीईओ कार्यालय पहुंचे वैसे ही छात्राओं ने उन्हें गेट पर रोक लिया और समस्या बताइ। इस दौरान छात्राओं ने डीईओ संतोष सिंह सोलंकी से कहा कि हमारी स्कूल में न मैथ्स के टीचर हैं न ही हिन्दी और संस्कृत के, ऐसे में काफी परेशानी आ रही है। डीईओं ने दो दिन में समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
कईं सरकारी स्कूलों के यही हालात
जिले में कईं सरकारी स्कूलों के इसी तरह के हालात हैं। वहीं जनजातीय विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में भी इसी तरह शिक्षकों की कमी के कारण परेशानी आती है। अधिकांश जगह शिक्षक देरी से भी पहुंचते हैं, लेकिन विभाग की ओर से मॉनिटरिंग करने में लापरवाही बरती जाती है।
वर्जन-
शिक्षकों के उच्च प्रभार के चलते परेशानी
-एबीवीपी के कार्यकर्ता, सदस्य आए थे। मिडिल कन्या शाला में शिक्षकों की कमी बता रहे थे। अभी अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रकिया शुरू नहीं हुई है। उच्च प्रभार के चलते वहां के शिक्षक दूसरी जगह चले गए हैं। इसलिए कन्या स्कूल में कमी आ गई, लेकिन जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अधिक है उन्हें कन्या स्कूल में भेज दिया जाएगा। दो तीन दिन में इस समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा।
– संतोष सिंह सोलंकी, डीईओ बुरहानपुर

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