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16 गांवों में 350 किसानों की केला फसल हुई बर्बाद, सर्वे में जुटी राजस्व विभाग की टीमें

शुक्रवार रात आंधी, बारिश, ओले गिरने से पहुंचा था नुकसान बुरहानपुर। एक साल में चौथी बार प्राकृतिक आपदा के कारण केला फसल को नुकसान पहुंचा है। इस बार खकनार क्षेत्र में केला उत्पादक किसानों को यह नुकसान झेलना पड़ा है। शुक्रवार रात अचानक तेज हवा, आंधी, बारिश के साथ ही ओले गिरने से

On: October 20, 2024 8:15 PM
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  • शुक्रवार रात आंधी, बारिश, ओले गिरने से पहुंचा था नुकसान

बुरहानपुर। एक साल में चौथी बार प्राकृतिक आपदा के कारण केला फसल को नुकसान पहुंचा है। इस बार खकनार क्षेत्र में केला उत्पादक किसानों को यह नुकसान झेलना पड़ा है। शुक्रवार रात अचानक तेज हवा, आंधी, बारिश के साथ ही ओले गिरने से करीब 16 गांवों के 350 किसानों के खेतों में नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम सर्वे में जुटी है। बताया जा रहा है कि किसानों की करोड़ों की केला फसल बर्बाद हुई है।
गौरतलब है कि खकनार तहसील के गांवों में शुक्रवार रात अचानक आंधी, बारिश से करोड़ों रूपए की केला फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। शनिवार सुबह जब किसान खेतों में पहुंचे तो केला फसल औंधी पड़ी मिली। प्रारंभिक सर्वे में यह जानकारी सामने आई है कि खकनार क्षेत्र के करीब 16 गांवों में केला फसल को नुकसान पहुंचा है इससे 350 किसान प्रभावित हुए हैं। यहां जिला प्रशासन ने तुरंत ही सर्वे शुरू करा दिया था। रविवार को भी सर्वे टीम खेतों में पहुंची। बताया जा रहा है कि नुकसान करोड़ों में जाएगा। खकनार तहसील के ग्राम खकनार, निमंदड़, मोहनगढ़, सावली, शेखापुर, खड़की, रगई, मांजरोद खुर्द, टेंभी, कानापुर सहित इस बेल्ट से सटे करीब 16 गांवों में केला फसल आड़ी हो गई। यहां सर्वे का दौर जारी है।
अफसर, जनप्रतिनिधियों ने किया खेतों का भ्रमण
रविवार को प्रभावित खेतों का निरीक्षण करने नेपानगर विधायक मंजू दादू, एसडीएम भागीरथ वाखला, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को सहित अन्य अफसर, जनप्रतिनिधि पहुंचे। एक दिन पहले भी विधायक मंजू दादू कुछ किसानों के खेतों में पहुंची थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर जल्द सर्वे कराने और मुआवजा वितरण की मांग की थी। हालांकि प्रशासन ने तुरंत ही सर्वे शुरू करा दिया था। वहीं रविवार को आरआई, पटवारियों की टीम प्रभावित किसानों के खेतों में पहुंची और सर्वे किया।
केला फसल पर नहीं मिलता बीमा का लाभ
जिले में प्राकृतिक आपदा से हर साल तीन चार बार केला फसल को ही नुकसान पहुंचता है। कभी हवा, आंधी, बारिश से नुकसान होता है तो कभी सीएमवी वायरस के कारण किसान नुकसान उठाते हैं। एक साल में तीन बार केला फसल को नुकसान पहुंच चुका है। जिले में तीन बार हुई नुकसानी पर करीब 65 करोड़ का मुआवजा भी बंट चुका है। अब फिर एक बार खकनार क्षेत्र के गांवों में नुकसान हुआ है। केला फसल पर बीमा प्रीमियम का लाभ किसानों को नहीं मिलता। अगर नुकसानी होती है तो राजस्व विभाग के आरबीसी नियम 6-4 के तहत मुआवजा मिलता है जो पर्याप्त नहीं होता। किसानों का कहना है कि अगर बीमा हो तो पूरा पूरा लाभ मिले।
वर्जन-
16 गांवों के 350 किसान प्रभावित
* खकनार बेल्ट में केला फसल की नुकसानी हुई है। शनिवार से ही सर्वे शुरू करा दिया गया था। रविवार को भी आरआई, पटवारी मौके पर पहुँचे। 16 गांवों के करीब 350 किसानों की केला फसल खराब हुई है। अभी सर्वे में तीन चार दिन और लगेंगे।
-प्रवीण ओहरिया, तहसीलदार खकनार

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