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पीडीएस की कालाबाजारी- सियासी हस्तक्षेप के बाद अनाज से भरे ट्रक को थाने से छुड़वाया, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल

बुरहानपुर। महाराष्ट्र से लगे बुरहानपुर में पीडीएस राशन की कालाबाजारी का खेल खुलेआम जारी है। सीमावर्ती इलाके का लाभ उठाते हुए पीडीएस के चावल और अन्य अनाज की अवैध बिक्री यहाँ बिना किसी जांच के होती रहती है। हाल ही में शाहपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक ऐसा ही ट्रक पकड़ा गया जिसमें भारी […]

बुरहानपुर। महाराष्ट्र से लगे बुरहानपुर में पीडीएस राशन की कालाबाजारी का खेल खुलेआम जारी है। सीमावर्ती इलाके का लाभ उठाते हुए पीडीएस के चावल और अन्य अनाज की अवैध बिक्री यहाँ बिना किसी जांच के होती रहती है। हाल ही में शाहपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक ऐसा ही ट्रक पकड़ा गया जिसमें भारी मात्रा में चावल के कट्टे मिले थे। यह मामला थाने में दर्ज होने की कगार पर था, लेकिन रात लगभग ढेड़-2 बजे के बीच सियासी हस्तक्षेप के चलते ट्रक को रिहा करने की बात सामने आ रही है। इस कार्रवाई में खाद्य विभाग के जांच अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है।
प्रशासन और खाद्य विभाग की निष्क्रियता पर सवाल
इस घटना ने प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रक से बरामद अनाज का न तो कोई सैंपल लिया गया और न ही उसकी जांच की गई। सूत्र बताते है कि खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने बिना किसी जांच के इसे ‘क्लीन चिट’ दे दी। यह निर्णय बिना उचित सैंपलिंग और पुष्टि के लिया गया, जिससे अनाज माफिया को खुला समर्थन मिलता नजर आ रहा है। शहर के राजनेताओं की ओर से कालाबाजारी करने वालों को बचाने का प्रयास प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
शहर में खुलेआम हो रही कालाबाजारी
सूत्रों की माने तो शहर में पीडीएस अनाज की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर हो रही है। राशन माफिया की हिम्मत इतनी बढ़ चुकी है कि वे बिना किसी भय के पीडीएस का अनाज गोदामों में जमा कर, फिर उसे अन्य जिलों में बेचते हैं। अधिकारी अक्सर सिर्फ औपचारिकता निभाते हुए अनाज पर बिल या अनुज्ञा लगा देते हैं और बिना किसी जांच के उसे छोड़ देते हैं। राजनीतिक संरक्षण के चलते इन माफियाओं पर जिम्मेदार अफसर कार्रवाई करने से बचते नजर आते है।
स्थानीय लोगों की नाराजगी और निष्क्रियता के कारण
शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन और खाद्य विभाग की निष्क्रियता के कारण कालाबाजारी का यह सिलसिला चलता आ रहा है। यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाएं, तो इस पर रोक लग सकती है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि वे कालाबाजारी पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें और उन राजनेताओं पर भी निगरानी रखें जो अनाज माफिया का समर्थन कर रहे हैं।
वर्जन
शाहपुर में पकड़ाए ट्रक में पीडीएस का राशन नहीं था। अभी मेरे पास जांच प्रतिवेदन नहीं आया है। देखकर ही कुछ बता पाऊँगी।
– अर्चना नागपुरे, खाद्य अधिकारी बुरहानपुर

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