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जिला समन्वय समिति की बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल हुए नाराज़, निगम आयुक्त को दिए सख्त निर्देश
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जनसुनवाई में पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह ने भी निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल
बुरहानपुर। नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है। शुक्रवार को जिला पंचायत में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर जमकर नाराज़गी जताई। उन्होंने निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव को दो टूक कहा — अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निष्पक्ष हो। केवल कमजोर वर्ग को टारगेट करना और बड़े-बड़े अवैध भवनों को छोड़ देना अब बर्दाश्त नहीं होगा।
सांसद पाटिल ने कहा कि निगम की कार्रवाई में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। छोटे दुकानदारों, ठेलेवालों और फेरीवालों पर कार्रवाई तो तेजी से हो रही है, लेकिन शहर में वर्षों से बने नियम विरुद्ध बड़े निर्माण आज भी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, जब कार्रवाई किसी के यहां होती है तो तकलीफ होती ही है, लेकिन कार्रवाई न्यायपूर्ण होनी चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, नेपानगर विधायक मंजू दादू, पूर्व महापौर अतुल पटेल, मनोज टंडन, संभाजी सगरे, कलेक्टर हर्षसिंह, एसपी देवेन्द्र पाटीदार, अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान, अपर कलेक्टर सपना जैन, एसडीएम पल्लवी पुराणिक, एसडीएम भागीरथ वाखला सहित अन्य मौजूद रहे।
पूर्व विधायक ने भी उठाया सवाल
जनसुनवाई में इस मुद्दे को पूर्व विधायक ठाकुर सुरेन्द्र सिंह ने भी उठाया। उन्होंने कलेक्टर से सीधा सवाल किया — निगम की कार्रवाई एकतरफा क्यों? क्या कुछ लोगों को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है?” उन्होंने कहा कि जनता में यह धारणा बन रही है कि निगम की कार्रवाई सियासी दबाव या चुनिंदा वर्ग को ध्यान में रखकर की जा रही है।
अधिकारी रहे शांत, जनता में नाराज़गी
बैठक के दौरान निगम के अफसर चुप्पी साधे बैठे रहे, जबकि अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। शहर के कई हिस्सों में निगम की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारी और रहवासी पहले ही नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। अब सांसद और पूर्व विधायक की नाराज़गी के बाद मामला और गरमाने की संभावना है।
क्या बोले कलेक्टर?
सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है और जल्द ही अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। संभावना है कि अब कार्रवाई की सूची दोबारा तैयार की जाएगी और सभी वर्गों पर समान मापदंड लागू होंगे।