बुरहानपुर। बुरहानपुर की धरती को दहला देने वाले बहुचर्चित और हृदयविदारक प्रकरण में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 7 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने वाले आरोपी गौरव उर्फ खुशाल को विशेष पॉक्सो अदालत ने दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि आरोपी अपने जीवन का शेष समय जेल में ही बिताएगा। इसके अलावा न्यायालय ने आरोपी पर 14,000 का जुर्माना भी लगाया है।
क्या था पूरा मामला
यह दर्दनाक घटना 18 मई 2024 की है। पीड़िता की मां ने थाना शिकारपुरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी दोपहर ढाई बजे घर के बाहर खेलने निकली थी और उसके बाद लापता हो गई। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। शक जताया गया कि कोई अज्ञात व्यक्ति बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
दो दिन बाद झाड़ियों में मिली लाश, परिवार में कोहराम
20 मई 2024 को पीड़िता की लाश घर के पीछे स्थित खंडहर मकान की झाड़ियों में मिली। शव को हरी नेट से ढंक कर छिपाया गया था। पहचान मृतका के परिवारजनों ने की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जांच में जो सच सामने आया, वह बेहद झकझोर देने वाला था।
घर में ले जाकर किया घिनौना कृत्य, फिर रस्सी से गला घोंटकर मार डाला
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी गौरव उर्फ खुशाल ने मासूम बच्ची को अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, फिर रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, और सबूत मिटाने के लिए शव को खंडहर में फेंक दिया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और धारा 302, 376AB, 201 IPC एवं 5(M)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत चालान पेश किया।
कोर्ट का फैसला: दोहरी आजीवन सजा, शेष जीवन तक जेल
विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो कोर्ट बुरहानपुर ने आरोपी को धारा 5/6 POCSO एक्ट: आजीवन कारावास (शेष जीवन तक) + 5000 अर्थदंड, धारा 302 IPC: आजीवन कारावास (शेष जीवन तक) + 5000 अर्थदंड, धारा 363 IPC: 5 वर्ष कारावास + 2000 अर्थदंड, धारा 201 IPC: 5 वर्ष कारावास + 2000 अर्थदंड की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक की सशक्त पैरवी
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी रामलाल रंधावे ने शासन की ओर से इस केस की कड़ी पैरवी की। मजबूत तर्क, साक्ष्य और तत्परता के चलते कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई।
चिन्हित अपराधों में रखा गया था मामला
प्रकरण की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, जिला बुरहानपुर ने इसे चिन्हित अपराध के रूप में दर्ज किया था। इस केस की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही थी।
पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: 7 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, गौरव को दोहरी आजीवन सजा
बुरहानपुर। बुरहानपुर की धरती को दहला देने वाले बहुचर्चित और हृदयविदारक प्रकरण में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। 7 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने वाले आरोपी गौरव उर्फ खुशाल को विशेष पॉक्सो अदालत ने दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में
On: July 10, 2025 5:41 PM