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ताप्ती की लहरों पर तिरंगे का जलवा, ‘वंदे मातरम’ से गूंजा बुरहानपुर

नागझिरी घाट से राजघाट तक नौका विहार में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब

  • अर्चना चिटनिस ने दिया स्वच्छ ताप्ती का संदेश

बुरहानपुर। आजादी का अमृत महोत्सव… और ताप्ती की लहरों पर सवार तिरंगा। शनिवार को बुरहानपुर के नागझिरी घाट पर नजारा ही बदला-बदला था। घाट पर लोगों की भीड़, बीच नदी में कतार से सजी दर्जनों नावें, और उन पर लहराते देश के गौरव – तिरंगे। नावें धीरे-धीरे ताप्ती की धार को चीरते हुए आगे बढ़ीं, और घाट किनारे से गूंज उठा— “भारत माता की जय”… “वंदे मातरम”…
Sadaiv Newsअनोखी तिरंगा यात्रा का आगाज
विधायक और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस के नेतृत्व में निकली इस अनोखी तिरंगा यात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, पूर्व महापौर अतुल पटेल, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और देशभक्ति से लबरेज नागरिक शामिल हुए। ताप्ती नदी के बीच से गुज़रते हुए सभी नावों पर तिरंगा शान से लहरा रहा था। लोग घरों की छतों, घाटों और नावों से इस अद्भुत दृश्य को कैमरे में कैद करते रहे। नागझिरी घाट से राजघाट तक जैसे-जैसे नावें बढ़ीं, घाट किनारे मौजूद भीड़ का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया।
स्वच्छ ताप्ती का संदेश
अर्चना चिटनिस ने कहा— बुरहानपुर ताप्ती नदी के तट पर बसा है, जो हमारे लिए जीवनदायिनी है। इस तिरंगा यात्रा का मकसद आजादी का जश्न मनाने के साथ-साथ ताप्ती को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने का संकल्प लेना भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का जिक्र करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय ध्वज घर-घर में फहरा रहा है, जो पहले केवल चुनिंदा अवसरों तक सीमित था।
रक्षाबंधन पर प्रकृति से रिश्ता जोड़ने का संकल्प
यात्रा रक्षाबंधन के दिन हुई, इस पर चिटनिस ने कहा— रक्षा बंधन केवल भाई-बहन का त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति, नदियों, पहाड़ों और पेड़ों से हमारा रिश्ता मजबूत करने का अवसर भी है। जब हम मां ताप्ती की लहरों के बीच तिरंगा लेकर आगे बढ़ते हैं, तब यह केवल देश की रक्षा का संदेश नहीं, बल्कि पर्यावरण और संस्कृति के संरक्षण का भी प्रतीक बनता है।
इतिहास, संस्कृति और देशभक्ति का संगम
राजघाट पर पहुंचकर यात्रा का समापन हुआ, जहां खड़े होकर सबने ताप्ती के सौंदर्य और अहिल्याबाई होल्कर की ऐतिहासिक धरोहर को नमन किया। वहां गूंजते नारे और बजते ढोल-ताशे जैसे बता रहे थे— बुरहानपुर की तिरंगा यात्रा सबसे अलग और यादगार है।
इस मौके पर बलराज नावानी, चिंतामन महाजन, कैलाश पारीख, किशोर राठौर, रितेश सरोदे, अनिल विस्पुते, ईश्वर चौहान, नितीन महाजन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।

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