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ऑपरेशन हाईवे: शाहपुर पुलिस ने ढाबा संचालक को दबोचा, लाखों का डोडा चूरा और शराब बरामद

देवा ढाबा पर गिरी पुलिस की गाज — अफ़ीम का डोडा चूरा और अंग्रेज़ी शराब की खेप पकड़ी

  • ट्रक ड्राइवरों के नशे की सप्लाई लाइन पर पुलिस का हल्ला बोल, हाईवे ढाबा सील

बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में शाहपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ एक और बड़ी जीत दर्ज की है। इंदौर–इच्छापुर हाईवे पर स्थित “देवा ढाबा” पर छापेमारी कर पुलिस ने 34 किलो 430 ग्राम डोडा चूरा और 64 लीटर अवैध अंग्रेज़ी शराब बरामद की। इस कार्रवाई में ढाबा संचालक को गिरफ्तार कर कुल ₹2,69,635 मूल्य की अवैध सामग्री ज़ब्त की गई।
Sadaiv Newsकैसे हुई कार्रवाई?
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने बताया कि नशे के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुए प्रदेशव्यापी अभियान के बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे थे। 9 अगस्त को थाना प्रभारी शाहपुर को विश्वस्त सूत्र से सूचना मिली कि हाईवे के किनारे एक ढाबे पर अवैध मादक पदार्थों का कारोबार चल रहा है। इस पर एएसपी अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में, निरीक्षक अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर छापा मारा गया।
छापेमारी में क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस को डोडा चूरा 34 किलो 430 ग्राम (3 किलो 490 ग्राम पिसा हुआ और बाकी बिना पिसा)। अवैध अंग्रेज़ी शराब 64 लीटर, विभिन्न ब्रांड्स और साइज की बोतलें। आटा चक्की मशीन, जिसका उपयोग डोडा पीसने के लिए किया जा रहा था। जब्त की गई शराब की कीमत ₹67,500 आंकी गई, जबकि डोडा चूरा और अन्य उपकरण मिलाकर कुल ज़ब्त सामग्री का मूल्य ₹2,69,635 है।
आरोपी कौन है?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम पिता वीरेंद्र सिंह तोमर (26 वर्ष, निवासी इच्छापुर) के रूप में हुई है। आरोपी के पास शराब बिक्री का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 475/25, धारा 8, 15 NDPS एक्ट और धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में पता चला है कि वर्ष 2020 में भी आरोपी के खिलाफ 34(ए) आबकारी एक्ट का प्रकरण दर्ज हो चुका है।
क्यों गंभीर है यह मामला?
डोडा चूरा अफीम के पौधे का हिस्सा होता है, जिसका सेवन अक्सर ट्रक ड्राइवर नशे के लिए करते हैं। नशे में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हाईवे पर इस तरह का अवैध कारोबार न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है।
ऑपरेशन की रीढ़ रही यह टीम
निरीक्षक अखिलेश मिश्रा, उप निरीक्षक अजय सिंह चौहान, सोहन सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक मुकेश मोरे, कुन्दन सिंह पवार, आरक्षक रविन्द्र राय, अक्षय दुबे, सुनील खोड़े की सराहनीय भूमिका रही।

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