बुरहानपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे इस बार जिले के लिए झटका बनकर सामने आए हैं। परिणामों में न सिर्फ प्रतिशत गिरा है, बल्कि प्रदेश स्तर की रैंकिंग में भी बड़ा नुकसान हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस साल जिले का कोई भी छात्र प्रदेश की टॉप-10 मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाया।
आंकड़ों में गिरावट का पूरा गणित
- कक्षा 10वीं रिजल्ट: 67.89% (पिछले साल 75.67%)
- कक्षा 12वीं रिजल्ट: 73.54% (पिछले साल 76.73%)
प्रदेश रैंकिंग में गिरावट:
- 10वीं: 28वीं ➝ 40वीं
- 12वीं: 23वीं ➝ 39वीं
स्पष्ट है कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को इस बार बड़ा झटका लगा है।
सरकारी स्कूलों ने बचाई ‘लाज’
जहां एक ओर रिजल्ट गिरा, वहीं एक सकारात्मक पहलू भी सामने आया— सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर रहा।
- प्राइवेट स्कूल (10वीं): 66.75%
- प्राइवेट स्कूल (12वीं): 70.86%
यह आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूलों ने अपेक्षाकृत बेहतर परिणाम दिए हैं।
कितने छात्रों ने दी परीक्षा?
- कुल परीक्षार्थी: 12,215
- 10वीं: 7,359 (6,939 नियमित + 420 स्वाध्यायी)
- 12वीं: 4,856 (4,377 नियमित + 479 स्वाध्यायी)
12वीं के जिला टॉपर्स
- हीरा तनवरी – हरीरपुरा उर्दू स्कूल
- नजमुन्नीसा – हरीरपुरा उर्दू स्कूल
- दीपाली – सूर्यपुंज एजुकेशन एकेडमी, शाहपुर
- ईरीशा – निमाड़ वैली इंटरनेशनल स्कूल
- वैष्णवी जंजालकर – तुरकगुराड़ा हायर सेकंडरी
- मानसी – गर्ल्स HSS सिंधीपुरा
- प्रियांशी – ज्ञानदीप HSS शाहपुर
- नेपाल रामपाल – सुभाष एक्सीलेंस
- वैष्णवी – सुभाष एक्सीलेंस
- महक – सुभाष एक्सीलेंस
10वीं के जिला टॉपर्स
- हुमेरा अंसारी – सेवासदन स्कूल
- हर्षिता खारडेकर – सरस्वती शिशु मंदिर, लालबाग
- युग पवार – निमाड़ वैली इंटरनेशनल
DEO का एक्शन प्लान
जिला शिक्षा अधिकारी रोहिणी पंवार ने परिणामों में आई गिरावट पर चिंता जताई है। उनका साफ कहना है: कमजोर नतीजों की समीक्षा होगी और सुधार के लिए रेमेडियल कक्षाएं शुरू की जाएंगी। साथ ही शिक्षा स्तर सुधारने के लिए नए नवाचार लागू करने की भी बात कही गई है।