राष्ट्रीय अपराध राजनीति मध्यप्रदेश कटनी आलेख बुरहानपुर जनसम्पर्क

बुरहानपुर के वरिष्ठ नागरिक अधिकरण के पीठासीन अधिकारी के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना प्रकरण दर्ज!

विधवा वरिष्ठ नागरिक का आरोप—करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले में आवेदन खारिज किया, अब हाईकोर्ट और अपीलीय अधिकरण तक पहुंची लड़ाई

On: May 3, 2026 2:08 PM
Follow Us:
विधवा महिला की करोड़ों की जमीन का मामला हाईकोर्ट पहुं

बुरहानपुर। जिले में न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा एक बड़ा और असामान्य मामला सामने आया है। बुरहानपुर के वरिष्ठ नागरिक अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अजमेर सिंह गौर के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर बेंच में न्यायालय की अवमानना का प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मामला एक वरिष्ठ नागरिक विधवा महिला श्रीमती सूफिया बानो/बेगम की करोड़ों रुपए मूल्य की कृषि भूमि से जुड़े विवाद का है। महिला का आरोप है कि उनकी जमीन उनके जेठ द्वारा हड़प ली गई और जब उन्होंने वरिष्ठ नागरिक अधिकरण से जमीन वापस दिलाने की गुहार लगाई, तो उनका प्रकरण ही “कानून के खिलाफ” निरस्त कर दिया गया।

सूफिया बेगम ने इसी आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अवमानना याचिका प्रस्तुत की है। बताया जा रहा है कि यह याचिका 2 मई 2026 को माननीय हाईकोर्ट जबलपुर बेंच में दर्ज कर ली गई है। अब इस प्रकरण की आगामी सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

जेठ पर करोड़ों की कृषि भूमि हड़पने का आरोप

अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल के अनुसार, बुरहानपुर निवासी वरिष्ठ नागरिक एवं विधवा महिला श्रीमती सूफिया बेगम ने अपने अमेरिका निवासी जेठ याकूब हसन पीरजादा के खिलाफ वरिष्ठ नागरिक अधिकरण, बुरहानपुर में प्रकरण प्रस्तुत किया था। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी करोड़ों रुपए मूल्य की कृषि भूमि पर जेठ द्वारा कब्जा कर लिया गया है। महिला ने अधिकरण से मांग की थी कि संबंधित व्यक्ति को बेदखल किया जाए और उनकी जमीन उन्हें वापस दिलाई जाए। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यह एक वरिष्ठ नागरिक विधवा महिला की संपत्ति और अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

नोटिस जारी हुआ, फिर अंतरिम आवेदन पर पूरा प्रकरण निरस्त

जानकारी के अनुसार, अधिकरण ने मामले में याकूब हसन पीरजादा को नोटिस जारी किया था। नोटिस के बाद वे अधिकरण के समक्ष उपस्थित हुए और एक अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया। आरोप है कि इसी अंतरिम आवेदन को स्वीकार करते हुए वरिष्ठ नागरिक अधिकरण ने सूफिया बेगम का मूल प्रकरण ही निरस्त कर दिया। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि इस तरह वरिष्ठ नागरिक महिला के आवेदन को निरस्त किया जाना कानून के अनुरूप नहीं था। इसी आधार पर अब मामला हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है।

हाईकोर्ट में अवमानना याचिका, कलेक्टर के समक्ष अपील भी लंबित

सूफिया बेगम ने अधिकरण के पीठासीन अधिकारी अजमेर सिंह गौर के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में अवमानना याचिका प्रस्तुत की है। वहीं, इस मामले में अपीलीय अधिकरण यानी कलेक्टर बुरहानपुर के समक्ष भी अपील लंबित बताई जा रही है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मामला वर्तमान में माननीय हाईकोर्ट जबलपुर और अपीलीय अधिकरण कलेक्टर बुरहानपुर के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए इस स्तर पर वे इससे अधिक टिप्पणी नहीं कर सकते।

वरिष्ठ नागरिक अधिकारों पर बड़ा सवाल

यह मामला अब सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। वरिष्ठ नागरिक अधिकरण में प्रस्तुत प्रकरण, उसके निरस्तीकरण और फिर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दर्ज होने से प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके संपत्ति अधिकारों के लिए बनाए गए मंच पर ही यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को राहत नहीं मिलती, तो मामला स्वाभाविक रूप से गंभीर हो जाता है। खासकर तब, जब याचिकाकर्ता एक विधवा महिला हों और मामला करोड़ों की कृषि भूमि से जुड़ा हो।

अब हाईकोर्ट की सुनवाई पर नजर

फिलहाल मामला हाईकोर्ट जबलपुर में दर्ज हो चुका है। आगामी सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि हाईकोर्ट इस अवमानना याचिका पर क्या रुख अपनाता है। वहीं, अपीलीय अधिकरण कलेक्टर बुरहानपुर के समक्ष लंबित अपील भी इस पूरे प्रकरण में अहम भूमिका निभा सकती है।

बुरहानपुर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर वरिष्ठ नागरिक महिला अपनी जमीन वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकरण के आदेश और उसकी वैधानिकता को लेकर सवाल हाईकोर्ट तक पहुंच गए हैं।

मामले की खास बातें
  • वरिष्ठ नागरिक विधवा महिला ने जेठ पर करोड़ों की कृषि भूमि हड़पने का आरोप लगाया।
  • वरिष्ठ नागरिक अधिकरण, बुरहानपुर में जमीन वापस दिलाने का प्रकरण लगाया गया।
  • नोटिस के बाद प्रतिपक्ष ने अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया।
  • आरोप है कि अंतरिम आवेदन स्वीकार कर महिला का मूल प्रकरण निरस्त किया गया।
  • पीठासीन अधिकारी अजमेर सिंह गौर के खिलाफ हाईकोर्ट जबलपुर में अवमानना याचिका दर्ज।
  • कलेक्टर बुरहानपुर के समक्ष अपील भी लंबित बताई जा रही है।
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

एमपी बोर्ड द्वारा छात्र दुर्गेश महाजन को कथित रूप से भेजी गई दूसरे परीक्षार्थी की उत्तरपुस्तिका

15 अंक का रहस्य गहराया: अंग्रेजी माध्यम के छात्र ने कॉपी मांगी, बोर्ड ने भेज दी किसी और की उत्तरपुस्तिका

चार माह से लंबित पेंशन जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते पार्षद

चार माह से पेंशन गायब! 35 से 40 हजार जरूरतमंदों की जिंदगी बेहाल, बुजुर्गों के पास दवा के पैसे नहीं, विधवा और दिव्यांग भी परेशान

बुरहानपुर नगर निगम में आठ एल्डरमैन नियुक्त, विधायक अर्चना चिटनिस समर्थकों का दबदबा

नगर निगम में ‘अर्चना पावर’ का प्रदर्शन: 8 एल्डरमैन नियुक्त, सूची में विधायक खेमे का दबदबा; संगठन के दो पदाधिकारियों को भी मिला राजनीतिक इनाम

बुरहानपुर में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की ग्रामीण जिला अध्यक्ष रायशुमारी बैठक

रायशुमारी से पहले ही कांग्रेस में ‘रार’ : शहर जिला अध्यक्ष को रखा दरकिनार, रिंकू टाक बोले—मनमर्जी से हुआ कार्यक्रम, वरिष्ठ नेतृत्व से करेंगे शिकायत

बुरहानपुर में विधायक अर्चना चिटनिस और महापौर माधुरी पटेल की सर्वदलीय विकास संवाद बैठक

26 करोड़ खर्च, फिर भी पानी-गड्ढे-कचरे से जूझते वार्ड: सर्वदलीय बैठक में खुली शहर की विकास व्यवस्था की परतें

इच्छापुर गांव में डायरिया मरीजों की जांच करता स्वास्थ्य विभाग

इच्छापुर में डायरिया का कहर: एक दिन में मिले 25 मरीज, ग्रामीण बोले—हर घर में बीमार

Leave a Comment

PNFPB Install PWA using share icon

For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser