बुरहानपुर। मोबाइल गुम होने के बाद अक्सर लोग उम्मीद छोड़ देते हैं, लेकिन बुरहानपुर पुलिस की सायबर सेल ने इस धारणा को बदलते हुए तीन महीने में 70 गुम मोबाइल फोन ढूंढकर उनके असली मालिकों को लौटाए। इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 13 लाख रुपए बताई जा रही है।
मोबाइल वापस मिलने के दौरान एक भावुक पल भी सामने आया। अपना फोन लेने पहुंची एक महिला ने पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार से कहा— “जब मेरा मोबाइल गुम हुआ तो कई लोगों ने कहा कि अब इसे भूल जाओ, लेकिन मुझे आप और आपकी टीम पर पूरा भरोसा था। मैंने अखबार में पढ़ा था कि पुलिस गुम मोबाइल ढूंढकर लौटाती है और आज मेरा भरोसा सही साबित हुआ।” महिला की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए और पुलिस की इस पहल की सराहना की।
तकनीक और लगातार फॉलोअप से मिली सफलता
दरअसल जिले की सायबर सेल और सभी थानों में गठित साइबर हेल्प डेस्क ने केंद्र सरकार के संचार साथी (CEIR) पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ट्रेसिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए इन मोबाइलों को ट्रैक किया। पिछले तीन महीने में दर्ज शिकायतों के आधार पर 70 मोबाइल फोन ट्रेस किए गए, जो अलग-अलग जगहों पर उपयोग में लाए जा रहे थे। पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार फॉलोअप करते हुए इन मोबाइलों को बरामद कर लिया।
सीमावर्ती जिलों और महाराष्ट्र से भी बरामदगी
ट्रेस किए गए मोबाइल केवल बुरहानपुर ही नहीं बल्कि धार, खरगोन, अलीराजपुर और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी बरामद किए गए। इससे यह साफ हुआ कि मोबाइल गुम होने के बाद कई बार वे दूसरे जिलों या राज्यों तक पहुंच जाते हैं, लेकिन तकनीक की मदद से उन्हें फिर भी ढूंढा जा सकता है।
कई महंगे स्मार्टफोन भी शामिल
बरामद मोबाइलों में कई महंगे एंड्रॉयड फोन भी शामिल हैं, जिनकी कीमत 10 हजार से लेकर 40 हजार रुपए तक है। इनमें पढ़ाई करने वाले छात्रों के मोबाइल भी थे, जिन्हें वापस मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। कंपनियों के हिसाब से बरामद मोबाइलों में विवो कंपनी के 23, ओप्पो कंपनी-17, रेडमी 12, सेमसंग-05, रियलमी-03, मोटोरोला-03, वनप्लस-03, इनफिनिक्स-02, पोको-01 तथा जियोफोन-01 कंपनी के मोबाईल है।
मोबाइल आज जीवन का अहम हिस्सा
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। वॉइस कॉल, वीडियो कॉल, ऑनलाइन खरीदारी, डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग जैसे कई जरूरी काम मोबाइल से ही होते हैं, इसलिए मोबाइल गुम होने पर लोगों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल गुम होते ही तुरंत संचार साथी (CEIR) पोर्टल या एप पर शिकायत दर्ज करें, ताकि मोबाइल का अनाधिकृत उपयोग रोका जा सके और उसे ट्रैक करना आसान हो जाए।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
मोबाइल ट्रेस करने की इस कार्रवाई में सायबर सेल के आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान और शक्ति सिंह तोमर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसपी ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनता की मदद करना और उनकी खोई हुई वस्तुओं को वापस दिलाना पुलिस का मानवीय कर्तव्य है। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने बुरहानपुर पुलिस और सायबर सेल टीम का आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को आमजन के लिए बड़ी राहत बताया।