-
Table of Contents
जन्माष्टमी पर हुए कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
-
नियमों के बावजूद छात्रावास में दिखे बाहरी पुरुष
बुरहानपुर। महाविद्यालयीन अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास बुरहानपुर एक बार फिर विवादों में है। जन्माष्टमी पर आयोजित कार्यक्रम का डांस वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। वीडियो में छात्राओं के साथ बाहरी महिलाएँ ही नहीं, बल्कि पुरुष भी नजर आए। यह न केवल नियमों का उल्लंघन था बल्कि छात्रावास की सुरक्षा और गोपनीयता पर भी सवाल खड़े कर गया।
जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त भारत जांचपुरे ने कहा छात्रावास अधीक्षिका को हटा दिया जाएगा। आदेश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आज अवकाश के कारण पत्र जारी नहीं हो सका, लेकिन समझ लें कि अधीक्षिका हटा दी गई हैं। जल्द ही वहाँ किसी अन्य अधीक्षक की पदस्थापना की जाएगी।
एबीवीपी का हंगामा और नारेबाजी
घटना के विरोध में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता सहायक आयुक्त कार्यालय पहुँचे। परिषद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। नगर मंत्री प्रियांशु ठाकुर ने कहा छात्रावास में बाहरी पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह अनुचित है। अधीक्षिका की लापरवाही से नियम टूटे हैं। परिषद मांग करती है कि उन पर कठोरतम कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में छात्राओं की गोपनीयता भंग न हो।
क्यों मचा बवाल
- छात्रावास में बाहरी पुरुषों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी रहती है।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सिर्फ महिला ट्रेनर को ही अनुमति दी जाती है।
- अधीक्षिका ने सफाई दी कि जन्माष्टमी पर कॉलेज की लड़कियों को बुलाया गया था और यह सब सीसीटीवी निगरानी में हुआ।
- लेकिन वीडियो में साफ दिखा कि बाहरी पुरुष भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
सुरक्षा पर उठे सवाल
बालिका छात्रावासों का उद्देश्य है छात्राओं को सुरक्षित और गोपनीय वातावरण प्रदान करना। नियमों के बावजूद बाहरी पुरुषों की मौजूदगी ने न केवल नियमों की धज्जियाँ उड़ाईं बल्कि छात्राओं की सुरक्षा पर भी खतरा खड़ा कर दिया।
आगे क्या?
- विभाग ने अधीक्षिका को हटाने का निर्णय ले लिया है।
- छात्रावास में जल्द ही नए अधीक्षक की पदस्थापना होगी।
- जनजातीय विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
👉 यह मामला सिर्फ एक कार्यक्रम का नहीं, बल्कि छात्रावासों में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को सामने लाता है। – ये भी पढ़िए