बुरहानपुर। शहर और आसपास के इलाकों में अवैध कॉलोनियों का फैलता जाल रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया की आधिकारिक शिकायत के आधार पर लालबाग थाना पुलिस ने दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ ग्राम स्वराज अधिनियम 1933 की धारा 61-घ, 3 के तहत मामला दर्ज कर दिया है। दोनों पर आरोप है कि वे ग्राम बहादरपुर में बिना किसी अनुमति के अवैध कॉलोनी का निर्माण करा रहे थे।
तहसीलदार की शिकायत बनी कार्रवाई की वजह
तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने पुलिस को दिए लिखित आवेदन में साफ बताया कि विजय पिता भागवत सावले (निवासी – गोविंदपुरम कॉलोनी) और श्याम पिता जगदीश दातेराव (निवासी – राजघाट रोड, बुरहानपुर) इन दोनों ने बहादरपुर क्षेत्र में बिना वैध स्वीकृति के प्लॉट काटकर कॉलोनी विकसित करना शुरू कर दिया था। तहसीलदार ने यह भी कहा कि इस मामले पर एसडीएम बुरहानपुर ने 16 अक्टूबर 2025 को पत्र जारी किया था और निर्देशित किया था कि दोनों कॉलोनाइजरों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। इसके बाद ही लालबाग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
धारा 61-घ, 3 क्या कहती है?
ग्राम स्वराज अधिनियम की यह धारा बिना अनुमति कॉलोनी निर्माण, अवैध लेआउट और राजस्व नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान करती है। इसमें दोषी पाए जाने पर जुर्माने के साथ-साथ कानूनी दंड भी तय है।
अवैध कॉलोनियों का नेटवर्क बड़ा
बुरहानपुर में अवैध कॉलोनी निर्माण की शिकायतें लंबे समय से प्रशासन के पास पहुंच रही हैं। कई बार चेतावनी देने और नोटिस जारी करने के बाद भी कई कॉलोनाइजर नियमों की अनदेखी कर प्लॉट बेचने में जुटे रहते हैं। पिछले महीनों में भी कई कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बहादरपुर का ताजा मामला प्रशासन को फिर सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर गया।
प्रशासन का कड़ा संदेश – अब बख्शा नहीं जाएगा
राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से यह साफ है कि अब अवैध कॉलोनी काटने वालों पर शिकंजा और कसेगा। अधिकारियों का कहना है बिना अनुमति प्लॉटिंग करने वालों को अब किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा। जांच तेज होगी और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।