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बुरहानपुर केला मंडी का नया नियम – किसान की लिखित मंजूरी बिना खरीदी पर लगेगी रोक
बुरहानपुर। केला उत्पादक किसानों को फसल का सही दाम दिलाने और नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए अब से गाड़ियों की नीलामी केवल ऑनलाइन बोर्ड पर ही होगी। रविवार दोपहर केला नीलामी सभागृह में आयोजित बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया। बैठक में एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, मंडी सचिव, केला ग्रुप इंचार्ज, व्यापारियों और किसानों के संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
दरअसल पिछले कुछ समय से किसानों का आरोप था कि नीलामी मंडी के अंदर ऑनलाइन बोर्ड पर नहीं हो रही है। बाहर ही गाड़ियों के सौदे तय कर लिए जाते हैं। इससे किसान को न तो सही भाव मिलता है और न ही पारदर्शिता रहती है। किसानों के दबाव और लगातार उठ रही आवाज के बाद आखिरकार प्रशासन ने सख्ती दिखाई।
व्यापारी बिना बोर्ड के केला न खरीदे- एसडीएम
बैठक में एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ ने साफ हिदायत दी– कोई भी व्यापारी बिना बोर्ड के केला न खरीदे। अगर किसान की सहमति वाले कागज पर हस्ताक्षर नहीं हैं तो खरीदी को गलत तरीके से की गई खरीद माना जाएगा। आदेश दिया गया कि कल से ही सभी गाड़ियां बोर्ड पर लगेंगी और नीलामी वहीं से होगी।
किसानों की बची दो बड़ी मांगें
बैठक में किसानों ने कई मुद्दे उठाए। ज्यादातर पर सहमति बनी लेकिन दो अहम मांगें अभी बाकी हैं- एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) लागू हो। केला फसल पर बीमा का लाभ दिया जाए। केला उत्पादक संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र चौकसे ने बताया कि इन दोनों मांगों को शासन स्तर पर भेजा गया है। सांसद और विधायक से कहा गया है कि वह इसे मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री तक पहुंचाएं।
किसानों पर हम्माली का बोझ खत्म
संगठन के सचिव प्रवीण पाटिल ने कहा कि किसानों से जबरन हम्माली वसूली की समस्या लंबे समय से थी। बैठक में यह तय हुआ कि अब किसी भी किसान से हम्माली नहीं ली जाएगी। एसडीएम ने चेतावनी दी कि अगर कोई हम्माली वसूली करेगा तो इसे अवैध माना जाएगा।
पारदर्शी नीलामी की नई व्यवस्था
ट्रांसपोर्टर कैलाश शर्मा ने सुझाव दिया कि नीलामी में सबसे पहले अच्छी क्वालिटी का माल पेश किया जाए, ताकि रेट सही मिलें। उन्होंने कहा– कभी भी जिले के किसान का अहित न सोचेंगे, न चाहेंगे। नीलामी जिस भाव पर होगी, बाद में रेट कम नहीं किया जाएगा। बोर्ड पर जिस किसान की गाड़ी बिके, उसका नाम दर्ज होगा। माल की क्वालिटी भी बोर्ड पर साफ लिखी जाएगी और केला ग्रुप इंचार्ज क्वालिटी की जांच करेंगे।
बैठक में भारी भीड़
बैठक में बड़ी संख्या में केला ग्रुप संचालक, व्यापारी और किसान संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। चर्चा के दौरान कई बार माहौल गर्म भी हुआ, लेकिन अंत में सभी ने एकजुट होकर सहमति जताई कि अब से नीलामी की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसान को उसका हक मिलेगा।