बुरहानपुर। गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय का नजारा कुछ अलग था। गले में मटका, पीठ पर झाड़ू बांधकर जब भीम सेना के जिला अध्यक्ष सचिन गाढ़े कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, तो हर आंख उन्हें देखने को रुक गई। यह दृश्य केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं था – यह आवाज थी अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के भीतर बढ़ते असंतोष की।
‘घड़ा भरो आंदोलन’ के तहत भारी संख्या में समाजजन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और चार सूत्रीय ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर पल्लवी पुराणिक को सौंपा। गाढ़े ने कहा – आज भी बुरहानपुर के आदिवासियों को पीने का पानी नहीं, बिजली नहीं, रास्ता नहीं। प्रशासन चुप है और अत्याचार चरम पर है।
प्रदर्शन की खास बातें:
• गले में मटका – पानी के अभाव का प्रतीक
• पीठ पर झाड़ू – सामाजिक भेदभाव और तिरस्कार का प्रतीक
• हजारों की संख्या में एससी/एसटी समाज की भागीदारी
• चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया
ये थीं प्रमुख मांगे
ग्राम बहादरपुर वार्ड 19 के आदिवासी परिवारों को नल जल योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इन्हीं परिवारों को तत्काल प्रभाव से बिजली, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं। ग्राम पंचायत सचिव द्वारा आदिवासी परिवारों को शिकायत बंद करने के लिए धमकाया जा रहा है। ऐसे अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
आदिवासी बहन ममता बारे के मकान (शिकारपुरा, छोटी रेणुका) तक जाने वाला रास्ता असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन बंद कर दिया गया है, परंतु पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही। प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। डिप्टी कलेक्टर पल्लवी पुराणिक ने ज्ञापन लेने के बाद भरोसा दिलाया कि रहवासियों की समस्याओं को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।
भीम सेना बोली – यह संघर्ष जारी रहेगा
भीम सेना नेता सचिन गाढ़े ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो संघर्ष और तेज़ होगा। हम घड़े उठाकर आए हैं, अब जरूरत पड़ी तो खामोशी छोड़कर सड़कों पर उतरेंगे।
गले में मटका, पीठ पर झाड़ू लेकर पहुंचे भीम सेना नेता, कहा – ‘पानी नहीं, इंसाफ चाहिए’
कलेक्टर के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर पल्लवी पुराणिक को सौंपा
On: August 4, 2025 10:09 AM