बुरहानपुर। महिला सुरक्षा के खिलाफ हुए एक बेहद घिनौने अपराध पर बुरहानपुर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2024 में थाना शाहपुर क्षेत्र के ग्राम बाराडोली में महिला के अपहरण और बलात्कार के मामले में दोषी पाए गए आरोपी को अदालत ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1,000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला समाज में यह संदेश देता है कि महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को कानून किसी भी कीमत पर बख्शने वाला नहीं है।
जबर्दस्ती उठा ले गया, फिर किया हैवानियत
प्रकरण के अनुसार अरूण पिता एडु पवार (उम्र 44 वर्ष) निवासी ग्राम बाराडोली, थाना शाहपुर ने एक महिला को जबरन पकड़कर अपने साथ ले गया और उसके साथ बलात्कार जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता की शिकायत पर थाना शाहपुर में अपराध क्रमांक 442/2024 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376, 376(2)(n), 376(2)(k), 366, 341, 323 और 294 भारतीय दंड संहिता के तहत मामला कायम किया।
पुलिस की तेज विवेचना, मजबूत चार्जशीट
इस गंभीर अपराध की विवेचना उप निरीक्षक अजय सिंह चौहान द्वारा की गई। मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए पुलिस ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य तकनीकी प्रमाण एकत्र किए। सभी सबूतों के आधार पर 13 सितंबर 2024 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद मुकदमा तेजी से सुनवाई के लिए आगे बढ़ा।
अदालत ने कहा– आरोपी दोषी
सभी साक्ष्यों और गवाहों की सुनवाई के बाद माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी अरूण पवार को धारा 366, 376 एवं 376(2)(n) IPC में दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे 10 साल का सश्रम कारावास और 1000 रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई।
अभियोजन की दमदार पैरवी
मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्याम देशमुख ने प्रभावशाली और मजबूत तर्क रखे, जिसके चलते अदालत आरोपी को सजा सुनाने में सफल रही। इस फैसले ने यह साफ कर दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को अब कोई राहत नहीं मिलेगी। न्यायालय का यह निर्णय समाज में कानून का भय और पीड़ितों के लिए न्याय की उम्मीद मजबूत करता है।