बुरहानपुर। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर निंबोला में वर्षों से यातायात की रफ्तार रोक रही अंग्रेजों के जमाने की संकरी पुलिया अब हटेगी। करीब 5 से साढ़े 5 मीटर चौड़ी मौजूदा पुलिया की जगह 13 मीटर चौड़ा और अधिक ऊंचा ब्रिज बनाया जाएगा। नवरात्र से काम शुरू करने की तैयारी है और एनएचएआई ने इसे चार माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
शुक्रवार को सांसद ज्ञानेश्वर पाटील और नेपानगर विधायक मंजू दादू ने एनएचएआई अधिकारियों के साथ निंबोला पहुंचकर प्रस्तावित ब्रिज स्थल का निरीक्षण किया। निर्माण शुरू होने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन, एप्रोच रोड और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
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5 मीटर की पुलिया बनी बॉटलनेक, बड़े वाहन आते ही बिगड़ती है रफ्तार
इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर निंबोला की मौजूदा पुलिया काफी संकरी है। वाहनों का दबाव बढ़ने पर यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है। अब इसी बॉटलनेक को खत्म करने के लिए पुलिया की चौड़ाई करीब ढाई गुना बढ़ाकर 13 मीटर करने की योजना है। नया ब्रिज मौजूदा पुलिया से अधिक ऊंचा भी होगा। इससे बड़े वाहनों के आवागमन के लिए अधिक जगह मिलने और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
पुरानी पुलिया तोड़ने से पहले ट्रैफिक का इंतजाम
निर्माण शुरू होते ही हाईवे का यातायात प्रभावित होना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए निंबोला में अस्थायी डायवर्जन रोड बनाया जाएगा। सांसद और विधायक ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण के दौरान वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।
पहले झिरी-शाहपुर हाईवे खोलेंगे, फिर ब्रिज पर शुरू होगा काम
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीष बिरला के मुताबिक निंबोला ब्रिज का काम शुरू करने से पहले झिरी से शाहपुर के बीच बने हाईवे को यातायात के लिए शुरू करने की तैयारी है। इससे निंबोला की ओर आने वाले वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा। निंबोला रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा भी जल्द खोलने की तैयारी बताई गई है।
किसानों के लिए अलग एप्रोच रोड की भी तैयारी
नए ब्रिज के साथ एप्रोच रोड भी बनाया जाएगा। सांसद पाटील के मुताबिक इससे आसपास के किसानों को कृषि उपज की आवाजाही में सुविधा मिलेगी। अधिकारियों से स्थानीय आवागमन प्रभावित नहीं होने देने और निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान देने को कहा गया है।
चार माह की डेडलाइन, अब समय और गुणवत्ता की परीक्षा
एनएचएआई ने नए ब्रिज को करीब चार माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयास निर्धारित अवधि से पहले काम पूरा कर यातायात शुरू करने का रहेगा। निंबोला के लिए नया ब्रिज सिर्फ पुरानी पुलिया बदलने का काम नहीं है। असली चुनौती निर्माण के चार महीनों में हाईवे का ट्रैफिक संभालने, डायवर्जन को सुचारु रखने और तय समय में गुणवत्तापूर्ण ब्रिज तैयार करने की होगी। चार माह की डेडलाइन घोषित हो चुकी है—अब नजर इस पर रहेगी कि वर्षों पुराने इस बॉटलनेक से वाहन चालकों को राहत तय समय पर मिलती है या इंतजार और लंबा होता है।
यह रहे मौजूद
इस दौरान पूर्व महापौर अनिल भोसले, मनोज टंडन, भाजपा नेता गजेंद्र पाटील, विकास कैथवास, गोपाल महाजन, संतोष भोजने, रमेश पाटिल, घनश्याम पाटील, सियाराम भाई, गणेश चौधरी, कमलेश पाटील, पप्पू पाटिल, अशोक पाटील आदि मौजूद रहे।

