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स्कूलों में ही बनेंगे बच्चों के आधार कार्ड : छात्रवृत्ति-परीक्षा के लिए जरूरी आपार आईडी बनेगी पक्की पहचान

18 अगस्त से चलेंगे शिविर, बच्चों के लिए आसान होगा बायोमेट्रिक अपडेट

  • प्रदेशभर के स्कूलों में आधार कार्ड अपडेट अभियान

बुरहानपुर। अब विद्यार्थियों को आधार कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए स्कूलों में ही आधार नामांकन और अपडेट शिविर लगाने का फैसला किया है। 18 अगस्त से पूरे प्रदेश में यह विशेष अभियान शुरू हो गया।

दरअसल इस अभियान को खास नाम दिया गया है – “विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार”।
राज्य शिक्षा केन्द्र ने UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के साथ मिलकर यह योजना बनाई है। शुरुआत में प्रदेश के 40 जिलों में यह शिविर चलेंगे और 1-2 महीने तक चलने वाले इस अभियान का फायदा हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा। शेष 15 जिलों में यह शिविर सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू होंगे।

क्यों जरूरी है बायोमेट्रिक अपडेट?

आधार कार्ड बच्चों की शिक्षा और सरकारी योजनाओं में बेहद जरूरी हो गया है।

  • पहला बायोमेट्रिक अपडेट 5 से 7 साल की उम्र में अनिवार्य और निःशुल्क।
  • दूसरा अपडेट 15 साल की उम्र में जरूरी।
  • 15 से 17 साल के बीच निःशुल्क, लेकिन 17 साल पार होने पर शुल्क लगेगा।

इन अपडेट्स में बच्चों के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो फिर से लिए जाते हैं ताकि उनकी पहचान भविष्य में भी सटीक बनी रहे।

आपार आईडी: शिक्षा की डिजिटल पहचान

इस अभियान का एक और बड़ा मकसद है – आपार आईडी (APAAR ID) को आधार से जोड़ना।

  • आपार आईडी के ज़रिए छात्रों के मार्कशीट, डिग्री, सर्टिफिकेट और सह-पाठ्यचर्या उपलब्धियाँ एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेंगी।
  • ध्यान रहे, स्कूल पोर्टल में दर्ज नाम और आधार कार्ड का नाम बिल्कुल मेल खाना चाहिए, तभी आपार आईडी बनेगी।

बच्चों को मिलेंगी ये सुविधाएँ शिविर में

अभियान के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों को ये बड़ी सहूलियतें मिलेंगी –

  • आधार में नाम सुधार की सुविधा
  • मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा
  • अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट आसानी से
  • आपार आईडी बनाने की मदद

जिलेवार तैयारी तेज़

UIDAI ने उन पिनकोड क्षेत्रों की पहचान की है, जहाँ सबसे ज्यादा बायोमेट्रिक अपडेट लंबित हैं। इन्हीं इलाकों के सरकारी स्कूलों में शिविर प्राथमिकता से लगाए जाएंगे।
राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने कहा – अभियान से न केवल विद्यार्थियों को आधार अपडेट कराने में सुविधा होगी, बल्कि शिक्षा और सरकारी योजनाओं में उनकी भागीदारी और आसान हो जाएगी। अभिभावक आगे आएँ और बच्चों का आधार अनिवार्य रूप से अपडेट कराएँ।

क्यों है यह अभियान खास?

  • छात्रों को स्कूल प्रवेश, परीक्षा फार्म, छात्रवृत्ति और DBT योजनाओं का लाभ पाने में दिक्कतें नहीं होंगी।
  • बच्चों की शिक्षा से जुड़ी पूरी यात्रा एक डिजिटल पहचान से जुड़ जाएगी।
  • ग्रामीण इलाकों के बच्चों को सबसे ज्यादा फायदा, क्योंकि उन्हें अब आधार अपडेट कराने के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा।
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