Homeबुरहानपुरसीएम हेल्पलाइन- आदतन शिकायतकर्ताओं की अब खैर...

सीएम हेल्पलाइन- आदतन शिकायतकर्ताओं की अब खैर नहीं, नपेंगे पोर्टल पर झूठी शिकायत करने वाले

-सीएम हेल्प लाइन संचालक ने कलेक्टरों से मांगी पोर्टल पर झूठी जानकारी, आदतन शिकायतकर्ताओं की जानकारी

  • मप्र विधानसभा में लगाया गया था सवाल, समीक्षा बैठक के बाद कलेक्टरों को भेजा पत्र

बुरहानपुर। सीएम हेल्पलाइन का मकसद पीड़ितों को न्याय दिलाना, सरकारी योजनाओं से वंचित लोगों को तत्काल सेवाएं उपलब्ध कराना और अगर कोई अधिकारी, कर्मचारी लापरवाही बरतता है तो सरकार तक उसकी जानकारी पहुंचाना है, लेकिन कुछ लोग इस हेल्पलाइन को कमाई का जरिया बना चुके हैं। इसकी शिकायतें लगातार प्रदेश सरकार तक भी पहुंच रही है तो वहीं कुछ दिनों पहले ही मप्र विधानसभा में इसे लेकर सवाल उठाया गया था।

इसके बाद सीएम हेल्पलाइन मप्र के संचालक संदीप अष्ठाना ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को एक पत्र भेजकर इस बात की जानकारी चाही है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के तहत झूठी जानकारी देने वाले, आदतन शिकायकर्ताओं की जानकारी एकत्रित कर भेजी जाए।

कार्रवाई के लिए निर्धारित प्रारूप में मांगी जानकारी

दरअसल सभी कलेक्टरों को संचालक सीएम हेल्पलाइन संचालक की ओर से पत्र भेजकर कहा गया है कि समय समय पर वरिष्ठ स्तर से मिल रहे निर्देशों में सीएम हेल्पाइन पोर्टल के तहत झूठी और आदतन शिकायतकर्ताओं के संबंध में जानकारी प्रदान करने, शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों व विभागों द्वारा भी समय समय पर इसे लेकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। पत्र में कहा गया कि सीएम हेल्पलाइन पर इन शिकायतकर्ताओं के बारे में टीप, जानकारी दर्ज करने की सुविधा लेवल अधिकारियों की लॉग इन आईडी में प्रदत्त है। इसके तहत जिले में झूठी, आदतन और ब्लैकमेलर शिकायतकर्ताओं की जानकारी एक प्रारूप में भरकर भेजने को कहा गया है। इसके लिए बाकायदा एक प्रारूप भी दिया गया है जिसमें आदतन, झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, कुल शिकायतों की संख्या, शिकायकर्ता के बारे में रिमार्क मांगा गया।

अब जानिए किस किस तरह से करते हैं ब्लैकमेल

सीएम हेल्पलाइन पर वास्तविक लोग तो अपनी शिकायतें करते ही हैं, जिनकी शिकायत जायज भी होती है और निराकरण के बाद उन्हें सरकारी योजना का लाभ भी मिल जाता है या फिर शिकायत पूरी होने पर क्लोज कर दी जाती है, लेकिन कईं ऐसे हैं जो समय समय पर अपना हित साधने के लिए शिकायतें करते हैं। कुछ आदतन शिकायकर्ता ऐसे हैं जो अफसर, कर्मचारियों के विभागीय भुगतान की जानकारी तक मांग लेते हैं जबकि यह जनहित से जुड़ा पोर्टल है ताकि लोगों को उनका वास्तविक हक मिले, लेकिन कुछ लोगों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है। जनप्रतिनिधियों को भी इससे अब खासी परेशानी होने लगी है, क्योंकि झूठी शिकायतें करने पर कहीं न कहीं जनप्रतिनिधि भी परेशान होते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेशभर के जिलों के अलावा बुरहानपुर जिले से भी यह जानकारी मांगी गई है कि यहां कितने ऐसे लोग हैं जो पोर्टल पर झूठी शिकायत करते हैं या फिर आदतन शिकायतकर्ता हैं।

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles