बुरहानपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में ढील दिखाना महंगा पड़ा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने गंभीर नाराज़गी जताते हुए CMO-तहसीलदार सहित कुल 17 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए। संवेदनशील निर्वाचन कार्य में सुस्ती को कलेक्टर ने लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा क्षेत्र 179 नेपानगर और 180 बुरहानपुर में एसआईआर कार्य चल रहा है। मतदाताओं के डिजिटाइजेशन में निर्धारित लक्ष्य के सामने बेहद धीमी प्रगति मिलने पर प्रशासन हरकत में आया।
डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश पाटीदार ने बताया कि कई बार निर्देश देने के बावजूद काम में गति नहीं आई। इससे निर्वाचन की स्वच्छता और पारदर्शिता पर असर पड़ सकता था, इसलिए नोटिस जारी किए गए।
इन 5 नोडल अधिकारियों को नोटिस
जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, वे निर्वाचन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण दायित्वों से जुड़े हैं- मोहन अलावा (मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नेपानगर), दिनेश भवेदिया (तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, नेपानगर), रितेश पाटीदार (सहायक आयुक्त, नगर निगम बुरहानपुर), स्वर्णिका वर्मा (सहायक आयुक्त, नगर निगम बुरहानपुर), प्रकाश बड़वाहे (उपयंत्री, नगर पालिका परिषद नेपानगर) कलेक्टर ने पूछा है कि लक्ष्य के अनुरूप प्रगति क्यों नहीं दिखाई गई और देरी की जिम्मेदारी किसकी है।
5 बीएलओ सुपरवाइजर भी नोटिस की जद में
एसआईआर कार्य में मानिटरिंग ढीली पाए जाने पर शोभाराम सोलंकी (उपयंत्री, लोक निर्माण विभाग), आकाश अग्रवाल (सहकारिता निरीक्षक), प्रियकांत चौहान (कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी), वंदना इंगले (पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास), विक्रांत बडकुंवर (पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास) इन सुपरवाइजरों पर भी कार्रवाई की गई।
7 बीएलओ पर भी सख्ती
मतदाताओं की जानकारी जुटाने और डिजिटाइजेशन में सुस्ती पर इन 7 बीएलओ को नोटिस ज्योति चौधरी, दुर्गा दुबे, अनीता महाजन, तरूणा निंबालकर, जमना प्रसाद जाटव, मनोज भाकरे, शाहिदा बानो इन सभी से तत्काल जवाब तलब किया गया है कि क्षेत्र में मतदाता सर्वे और अद्यतन कार्य समय पर क्यों नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
निर्वाचन से जुड़े काम में कोई समझौता नहीं
निर्वाचन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता वाला काम है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर और गुणवत्तापूर्ण प्रगति अनिवार्य है। — हर्ष सिंह, कलेक्टर बुरहानपुर