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खाद नहीं, उम्मीदें सूख रहीं: जिलेभर में पिछले 25 दिनों से खाद की किल्लत

पिछले दिनों प्रशासन की टीम ने खाद, बीज दुकानों पर चलाया था कार्रवाई अभियान कृषि उप संचालक बोले, जल्द खत्म होगी खाद की किल्लत बुरहानपुर। जिलेभर में इन दिनों खाद की किल्लत से किसान खासे परेशान हो रहे हैं। मानसून के दस्तक देते ही किसानों ने अपने खेतों में बोवनी शुरू कर दी थी, लेकिन […]

बुरहानपुर। जिलेभर में इन दिनों खाद की किल्लत से किसान खासे परेशान हो रहे हैं। मानसून के दस्तक देते ही किसानों ने अपने खेतों में बोवनी शुरू कर दी थी, लेकिन किसानों को इन दिनों न तो सहकारी समितियों से खाद मिल रही है न ही खाद बीज की दुकानों पर खाद उपलब्ध है। वहीं डीडीए कृषि एमएस देवके ने कहा जल्द खाद की समस्या का निराकरण होगा।
बताया जा रहा है कि करीब 25 दिनों से जिले में खाद उपलब्ध नहीं है। 16 जून से मानसून सक्रिय होने के साथ ही किसानों को खाद की आवश्यकता महसूस होने लगी थी, लेकिन तभी से ही इसकी जिले में किल्लत भी शुरू हो गई जबकि कृषि विभाग की ओर से हर बार यह दावा किया जाता है कि जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इधर, किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। पिछले दिनों खकनार के एक किसान ने खाद बीज के साथ अन्य सामग्री देने पर विरोध दर्ज कराया था।
प्रशासन की टीम ने केवल एक दिन की कार्रवाई
पिछले दिनों जिला प्रशासन के राजस्व अफसरों की टीम ने जिलेभर में खाद, बीज की दुकानों में कार्रवाई के लिए अभियान चलाया था। कुछ को नोटिस दिए गए थे। धूलकोट क्षेत्र की दो दुकानें भी सील की गई थी, लेकिन यह कार्रवाई महज रस्म अदायगी रही, क्योंकि केवल बार कार्रवाई के बाद अफसर पलटकर नहीं लौटे। वहीं उसी दिन कार्रवाई की भनक लगने पर अधिकांश खाद, बीज दुकान संचालक अपनी दुकानें बंद करके चले गए थे।
मराठा सेवा संघ ने उठाई खाद न मिलने की समस्या
इधर, मराठा सेवा संघ कृषि प्रकोष्ठ की ओर से मांग की गई कि जिले की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता कराई जाए। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चौधरी ने कहा- जिले में किसानों ने फसलों की बोवनी कर दी है, लेकिन खाद की आवश्यकता है। 25 दिनों से सहकारी समितियों में खाद नहीं है। निजी दुकानों पर भी खाद नहीं मिल रही। साथ कहा कि केला फसल पर किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है। किसान लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं। पिछले दिनों प्राकृतिक आपदा के कारण केला फसल प्रभावित हुई थी, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला। हसीनाबाद से आए किसान धांडु राठौर ने कहा पीएम, सीएम किसान निधि का लाभ 2022 से नहीं मिला। तहसील में शिकायत करने पर आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है।
वर्जन-
5 से 6 दिन में दूर होगी किल्लत
जिले में यूरिया की निरंतर आपूर्ति हो रही है, लेकिन ज्यादा समस्या नहीं है। जो खाद नहीं मिल रही है उसके बदले कईं विकल्प हैं। एक ही फर्टिलाइजर से फसल अच्छी होगी ऐसा नहीं है। किसानों को इस तरफ ध्यान देना होगा। पांच से छह दिन में खाद की किल्लत दूर हो जाएगी।
-एमएस देवके, उप संचालक कृषि बुरहानपुर
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