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वन भूमि पर कब्जे की साजिश नाकाम, 6.5 हेक्टेयर जमीन अतिक्रमणमुक्त

एक सप्ताह में तीस हेक्टेयर वन भूमि मुक्त, अब सख्ती और बढ़ेगी

  • डेहरिया बीट में वन विभाग का बड़ा एक्शन-जेसीबी से खंतियां खुदवाकर बोए गए चिरोल बीज

बुरहानपुर। जिले में वन भूमि पर फसल बोवनी की साजिशें एक बार फिर सिर उठाने लगी थीं, लेकिन इस बार वन विभाग पूरी तैयारी में था। नावरा रेंज के डेहरिया बीट में रविवार को 6.5 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया।
कार्रवाई सिर्फ जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि मौके पर ही जेसीबी से खंतियां खुदवाकर ‘चिरोल प्रजाति’ के बीज रोपित कर दिए गए — ताकि वन क्षेत्र दोबारा हरियाली की ओर लौट सके।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम, खाली मिला अतिक्रमण क्षेत्र
नावरा रेंजर पुष्पेंद्र जादौन ने बताया कि विभाग को मुखबिर से जानकारी मिली कि डेहरिया बीट की जमीन पर मूंगफली और मक्का की फसल बोने की तैयारी की जा रही है। जब टीम मौके पर पहुंची तो अतिक्रमणकारियों ने वन विभाग की सक्रियता देख पहले ही भागने में भलाई समझी। हालांकि उनके द्वारा खेत तैयार कर लिए गए थे, लेकिन इससे पहले कि बीज बोए जाते, वन अमला हरकत में आ गया।
2022 में उजाड़ दिया गया था जंगल, अब हरियाली लौटाने की पहल
यह वही क्षेत्र है, जहां 2022 में बड़े पैमाने पर वन कटाई हुई थी। हजारों पेड़ों की बलि देकर इस हरे-भरे जंगल को अतिक्रमण का शिकार बना दिया गया था। अब विभाग ने तय किया है कि इस भूमि को पुनः वन स्वरूप में बदलकर दोबारा कब्जा होने से रोका जाएगा। रेंजर, नावरा रेंज पुष्पेंद्र जादौन ने कहा अब सिर्फ जमीन खाली नहीं कराई जाएगी, हम उसमें तुरंत हरियाली लौटाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
90 से ज्यादा जवान उतरे मौके पर, एसएएफ की मौजूदगी में चला ऑपरेशन
अभियान में नावरा और नेपानगर रेंज से 90 से अधिक वनकर्मी, एसएएफ बल, सुरक्षा श्रमिक, और स्थानीय अमले ने भाग लिया। नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया खुद मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी की। खंतियों की खुदाई होते ही चिरोल बीजों का तत्काल रोपण कर दिया गया।
SDO बोले – हर महीने समझाइश, फिर भी नहीं रुक रहा कब्जा
नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया ने कहा हर महीने समितियों की बैठक में ग्रामीणों को समझाया जाता है कि वन भूमि पर नया अतिक्रमण न करें। लेकिन कुछ लोग इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। इसलिए अब सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई है। आने वाले समय में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सतर्कता जरूरी- तभी जंगल बचेगा
बुरहानपुर जिले में बीते कुछ वर्षों में वन भूमि पर अवैध कब्जों की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन वन विभाग की लगातार कार्रवाइयों से अब यह संदेश स्पष्ट हो गया है — वन भूमि पर अब कोई समझौता नहीं। यह कार्रवाई सिर्फ पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि कानून और भविष्य की पीढ़ियों के हक की रक्षा का हिस्सा है।

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