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बुरहानपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट: शव अपमान कांड से लेकर आयुष्मान फर्जीवाड़े तक, विधायक-कलेक्टर आमने-सामने चर्चा

- खकनार सीएचसी प्रकरण : प्रभारी बीएमओ हटाए गए, निजी अस्पतालों की होगी आयुष्मान योजना से जुड़ी जांच

बुरहानपुर। पिछले दिनों खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला के अपमान का मामला सामने आया था। इसे लेकर जांच जारी है। शुक्रवार शाम इस मामले में नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कलेक्टर हर्ष सिंह से मुलाकात कर कहा, अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई है। जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी। वीडियो की भी जांच हो रही है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो वायरल हुआ था। करीब डेढ़ साल पहले यहां एक महिला के ष्शव के साथ अपमान किया गया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच आगे जारी है।

इधर, शुक्रवार को कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा ने खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ प्रभारी बीएमओ डॉ. आद्या डावर को हटा दिया है। उन्हें खकनार से परेठा पदस्थ किया गया। जबकि उनके स्थान पर डीएचओ डॉ. सुनिल रोमड़े को बीएमओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा ने इसकी पुष्टि की।

विधायक बोलीं- दुःख का विषय कि ऐसा कृत्य हुआ

शुक्रवार शाम नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर हर्ष सिंह से चर्चा की। विधायक ने मीडिया से चर्चा में बताया कि प्रशासन पूरे मामले की जांच करा रहा है। एक अधिकारी को हटा दिया गया है। दुःख का विषय है कि इस तरह का कृत्य हुआ है। शासन सख्ती से कार्रवाई करेगा। वीडियो की भी जांच हो रही है। अस्पतालों की सुरक्षा, सीसीटीवी आदि को लेकर भी कलेक्टर से चर्चा हुई है। वहीं कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा मामला सामने आने पर जांच समिति बनाई थी। उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है। जो डॉक्टर वहां पदस्थ थे उन्हें नोटिस दिया गया था। आरोपी पहले ही जेल भेजा जा चुका है। आगे भी कार्रवाई जारी है।

निजी अस्पतालों में संचालित आयुष्मान योजना की जांच की मांग

नेपानगर विधायक मंजू दादू ने निजी अस्पतालों की मनमानी और आयुष्मान योजना में हो रहे फर्जीवाड़े का मामला गंभीरता से उठाया। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि निजी अस्पतालों में संचालित आयुष्मान योजना की जांच होना चाहिए। गरीब लोगों को इमरजेंसी में सुविधा मिलना चाहिए। उन्हें कुछ जगह की शिकायतें मिली है कि ढंग से उपचार नहीं हो रहा। बिल नहीं दे रहे हैं। एडमिट होने पर जल्द एप्रुवल नहीं मिलता। जहां आयुष्मान योजना संचालित है वहां किस नियम के तहत चला रहे हैं। क्या लापरवाही हो रही है इसकी जांच होना चाहिए। कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा इस मामले में विधायक ने कुछ तथ्य दिए हैं। सीएमएचओ से तीन दिन में जांच के लिए कहा गया है। आयुष्मान योजना में डिस्प्ले होगा। रेट का भी डिस्प्ले कराएंगे।

यह तथ्य बताए गए
  • कुछ अस्पताल आयुष्मान भारत योजना का पंजीयन नियम विरुद्ध लेकर निजी हॉस्पिटल संचालित कर रहे हैं जो कि पूरी तरह से गलत है।
  • निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के हिंदी में कहीं भी निर्देश नहीं लिखे गए हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए टोल फ्री नंबर भी चस्पा नहीं किया गया है।
  • जिला अस्पताल से निजी अस्पतालों की एंबुलेंस के माध्यम से 50 रुपये में मरीजों को निजी अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है।
  • जिला अस्पताल में निजी अस्पतालों के एजेंट घूम रहे हैं जो डॉक्टरों के संपर्क में हैं व अधिक कमीशन प्राप्त करने के लिए निजी अस्पतालों में मरीजों को रैफर कर रहे हैं।
  • खकनार क्षेत्र के आदिवासी ग्रामों के मरीजों को इलाज के नाम से निजी हॉस्पिटल अपने हॉस्पिटल में भर्ती कर आयुष्मान में गंभीर बीमारी बताकर दुरुपयोग कर रहे है। इसके ऐवज में संबंधित क्षेत्र के प्राइवेट क्लिनिक संचालित डॉक्टर को कमीशन दे रहे हैं।
मामले की कल तक रिपोर्ट आएगी

खकनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मामले में जांच कराई गई है। कल तक इसकी रिपोर्ट आएगी। आरोपी पकड़ा जा चुका है। संबंधितों को नोटिस जारी हुए हैं। आज सभी के बयान लिए गए है। प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि डेढ़ साल पुरानी घटना थी। नेपानगर विधायक ने निजी अस्पताल के खिलाफ कुछ तथ्य दिए हैं। इसे लेकर सीएमएचओ को तीन दिन में जांच करने को कहा है।

-हर्ष सिंह, कलेक्टर बुरहानपुर

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