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सांसद ज्ञानेश्वर पाटील की पहल पर किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक ताकत, ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर आवागमन
बुरहानपुर। जिले के किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात जल्द मिलने वाली है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दो बड़े प्रस्ताव रखे –
- बुरहानपुर में केला अनुसंधान केंद्र की स्थापना।
- ग्रामीण इलाकों में 28 नई सड़कों की स्वीकृति।
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मोदी सरकार जनहित और किसानहित की सरकार है। इन दोनों प्रस्तावों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।
क्यों जरूरी है केला अनुसंधान केंद्र?
- बुरहानपुर जिला “एक जिला-एक उत्पाद” योजना में केला उत्पादन के लिए चयनित है।
- यहां करीब 26,000 हेक्टेयर में केले की खेती हो रही है।
- लगातार रोग व नई चुनौतियों के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
- फिलहाल आसपास कहीं भी केला अनुसंधान केंद्र नहीं है।
सांसद पाटील ने कहा – अगर यहां केंद्र बनता है तो टिशू कल्चर, बायोटेक्नोलॉजी, मृदा विज्ञान, कटाई के बाद प्रबंधन, और रोगों के निदान जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं किसानों को यहीं मिलेंगी। यह पूरे क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी कदम होगा।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा?
- उत्पादन में वृद्धि
- रोगों पर समय रहते नियंत्रण
- केले से अन्य खाद्य उत्पाद और प्रसंस्करण की नई तकनीक
- कटाई के बाद संरक्षण की आधुनिक व्यवस्था यानी बुरहानपुर का केला अब केवल खेत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचेगा।
सांसद पाटील ने कृषि मंत्री को ज्ञापन देकर बताया कि बुरहानपुर और नेपानगर विधानसभा के ग्रामीण इलाकों में आवागमन की स्थिति बेहद खराब है। अगर 28 नई सड़कें बनती हैं तो किसानों को फसल मंडी तक लाने-ले जाने में सहूलियत होगी। इनमें शामिल हैं –
- ग्राम आमगांव से शंकरपुरा फाल्या
- बाकडी से नाडियामाल, अंबापानी, कोयलपानी
- चाकबारा से नवलसिंग फाल्या
- हैदरपुर से छोटा तालाब मोहल्ला
- जामन्या से जवानसिंग फाल्या
- ग्राम दर्यापुर कलां छात्रावास से फोपनार फाटा
- असीर में धुलकोट रोड से बरू नाला
- सांईखेडाकला से सायर गांव तक
- मोरदड खुर्द में खेत से खेत तक जुड़ने वाली ग्रामीण सड़कें
ग्रामीणों का कहना है कि इन सड़कों से न केवल खेत से मंडी तक का रास्ता आसान होगा बल्कि गांव-गांव में रोजगार और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
विकास का वादा, निभाएंगे ज्ञानेश्वर दादा
गांव-गांव में चर्चाएं तेज हैं कि सांसद का यह कदम बुरहानपुर को नई पहचान देगा।
- केला किसानों को वैज्ञानिक मदद मिलेगी।
- युवाओं के लिए प्रसंस्करण व उद्योगों के अवसर खुलेंगे।
- सड़कें बनने से गांवों की तस्वीर बदलेगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मोदी सरकार का मकसद गांव, गरीब और किसान को सशक्त बनाना है।