बुरहानपुर। लालबाग रोड स्थित हकीमी अस्पताल में जैनाबाद निवासी 32 वर्षीय वैष्णवी चौहान की मंगलवार को गर्भाशय ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर विरोध किया था। मामला तूल पकड़ते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। शुक्रवार को परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर डिप्टी कलेक्टर सृजन श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
इधर, पूरे मामले के दबाव के बीच जिला अस्पताल में पदस्थ स्त्रीरोग विशेषज्ञ और विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. रेहाना बोहरा को शुक्रवार दोपहर सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोजेस ने एचओडी पद से हटा दिया। उनकी जगह डॉ. पूनम सिंघाल को प्रसूति विभाग का दायित्व सौंपा गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए।
सुबह 8 बजे भर्ती किया… शाम 6 बजे तक नहीं बताया क्या हो रहा है: परिजन
मृतका के रिश्तेदार महेश सिंह चौहान ने बताया महिला को सुबह 8 बजे अस्पताल ले गए थे। डॉक्टर ने कहा कि साधारण ऑपरेशन है, चिंता की बात नहीं। लेकिन शाम 6 बजे तक किसी ने नहीं बताया कि अंदर क्या चल रहा है। फिर 6.30 बजे आकर कहा कि महिला की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर बोहरा ने पहले 3 बार ऑपरेशन किए और चौथे ऑपरेशन में महिला की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने एक ही मामले में बार-बार सर्जरी कर आर्थिक और चिकित्सकीय दोनों तरह की लापरवाही की है।
डॉक्टर के बदलते बयान… परिजनों को और शक
परिवार का कहना है कि घटना के बाद डॉक्टर बोहरा ने मौत को लेकर अलग-अलग वजहें बताईं- उल्टी आने से मृत्यु, ऑपरेशन के दौरान हार्ट अटैक, और फेफड़ों में पानी भर जाने से मौत। परिजन कहते हैं, जब एक ही घटना पर चार तरह की बातें कही जाएँ, तो साफ है कि कुछ न कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है।
नर्स का फोन भी आया था… कल सुबह ऑपरेशन के लिए आना
परिवार ने ज्ञापन में बताया कि हॉस्पिटल की नर्स रीता ने 10 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 4 मिनट पर फोन करके वैष्णवी के पति नागेश चौहान को बताया कि कल सुबह ऑपरेशन के लिए बुलाया गया है। परिजन का आरोप है कि इस तरह बार-बार ऑपरेशन करने की जरूरत ही नहीं थी।
कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे 50 से ज्यादा रिश्तेदार– परिजन बोले: पहले भी शिकायतें थीं
ज्ञापन सौंपने पहुंचे परिवार और रिश्तेदारों में भगवान सिंह चौहान, विनोद सिंह, लखन सिंह, सुमित सिंह, गेंदालाल, मिलिन, मितेश, लोकेश, राकेश, आकाश, विकास चौहान सहित करीब 50 से अधिक लोग मौजूद थे। उनका कहना है डॉ. बोहरा सरकारी अस्पताल में पदस्थ हैं। पहले भी उनकी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि किसी और की जान न जाए।
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई, पुलिस ने जांच अपने हाथ में ली
घटना के अगले दिन पुलिस ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई और पूरा मामला जांच में लेने की बात कही। अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
डॉक्टर बोहरा ने कहा— कोई लापरवाही नहीं हुई
उधर, डॉ. रेहाना बोहरा ने पहले दिन ही आरोपों को नकारते हुए साफ कहा था कि इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है और बताया जा रहा मेडिकल कारण वास्तविक हैं।
जिला अस्पताल प्रशासन ने लिया बड़ा कदम
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए जिला अस्पताल के स्त्री रोग विभाग की कमान तत्काल बदल दी। डॉ. पूनम सिंघाल को नया प्रभारी बनाया गया है।