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लालबाग रोड पर गणेश प्रतिमा ले जाते वक्त ट्रॉली पलटने से खंडवा के युवक की मौत
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महाराष्ट्र से आए 200 से ज़्यादा लोग थाने पहुँचे, बोले—एक साल पहले बुकिंग की थी
बुरहानपुर। शनिवार देर रात लालबाग रोड पर बड़ा हादसा हो गया। खंडवा निवासी शशांक जोशी गणेश प्रतिमा लेकर ट्रॉली से लौट रहे थे। खराब सड़क की वजह से ट्रॉली पलट गई और प्रतिमा के नीचे दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के कुछ ही घंटे बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और पातोंडा रोड स्थित सम्राट मौर्य आर्ट को सील कर दिया।
दरअसल सम्राट मौर्य आर्ट से महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कई ज़िलों के आयोजकों ने पहले से बुकिंग कर रखी थी। कई मूर्तियां एक साल पहले ही एडवांस में बुक की गई थीं। खामगांव, जलगांव, पाचोरा, चालीसगांव, मलकापुर, वाशिम जैसे ज़िलों से लोग मूर्तियां लेने आए। केंद्र सील मिलने पर वे सीधे लालबाग थाने पहुँच गए और कहा, हमने पैसे पहले ही जमा कराए हैं। अब प्रशासन बताए हमारी प्रतिमाएं कहाँ से मिलेंगी?
संचालिका बोलीं—रोड खराब, हमारी गलती नहीं
सम्राट मौर्य आर्ट की संचालिका सरिता मौर्य ने कहा— हादसा 9 फीट की प्रतिमा का हुआ। उससे बड़ी मूर्तियां तो थीं ही नहीं। हमने मूर्तियां व्यवस्थित तरीके से बांधकर भेजी थीं। दुर्घटना खराब सड़क की वजह से हुई। 40 से अधिक मूर्तियां तैयार हैं, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये है। हमने कई बार प्रशासन से सड़क सुधारने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
प्रशासन ने बढ़ाई सख़्ती—10 फीट से बड़ी प्रतिमा पर रोक
तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया— कलेक्टर ने पहले से आदेश जारी किए थे कि 10 फीट से ऊँची प्रतिमाएं बाहर नहीं जा सकतीं। शनिवार रात हादसे के बाद तत्काल केंद्र को सील किया गया। “नियमों के मुताबिक अन्य जगहों पर भी कार्रवाई होगी।
आयोजकों में आक्रोश— हमारा नुकसान कौन भरेगा?
वाशिम से आए हरीश बियानी ने कहा, हमने एक साल पहले 12 फीट की प्रतिमा की बुकिंग की थी। कल रात से यहाँ बैठे हैं, लेकिन अब मूर्ति मिलना मुश्किल है। 200 से ज़्यादा लोग यहाँ पहुंचे, लेकिन कोई अफसर चर्चा करने तक नहीं आया। आयोजकों का कहना है कि अब उनकी पूजा-पंडाल की तैयारियां अधर में लटक गई हैं।
राजनीति भी गरमाई
कांग्रेस नेता अजय सिंह रघुवंशी ने प्रशासन को घेरा— अगर बड़ी मूर्तियों पर रोक थी, तो पहले ही रोक लगानी चाहिए थी। अब उत्सव से ठीक पहले कार्रवाई कर आयोजकों को परेशानी में डाल दिया गया है। प्रशासन को तुरंत कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
सवालों के घेरे में प्रशासन
हादसा सड़क की खराब हालत से हुआ या ट्रॉली की लापरवाही से—यह अभी जांच का विषय है। लेकिन एक बात साफ़ है कि सड़क की दुर्दशा और प्रशासन की समय पर कार्रवाई न होना, दोनों ने मिलकर इस हादसे को जन्म दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाखों रुपये का नुकसान और श्रद्धालुओं की आस्था पर गिरी इस चोट का जिम्मेदार कौन?