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सीएम बोले- केला किसानों को मिलेगा बीमा का हक
बुरहानपुर। जिले के केला उत्पादक किसानों का तीन दिन से चल रहा अर्धनग्न आंदोलन आखिरकार शनिवार को खत्म हुआ। किसानों की मांग थी कि केला फसल को मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल किया जाए और केले की खरीदी एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर की जाए।
धरना समाप्त कराने के लिए शनिवार दोपहर करीब तीन बजे सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस, नेपानगर विधायक मंजू दादू, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने और अन्य भाजपा पदाधिकारी रेणुका माता कृषि उपज मंडी परिसर पहुंचे।
सीएम से किसानों की सीधी बातचीत — तीन महीने में बीमा लागू करने का वादा
किसानों की पीड़ा सुनने के बाद सांसद, विधायक ने किसान किशोर वासनकर की सीधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फोन पर बात कराई। किसान वासनकर ने बताया मुख्यमंत्री जी ने भरोसा दिलाया है कि तीन महीने के भीतर केला फसल के लिए फसल बीमा योजना लागू की जाएगी। इसी आश्वासन के बाद हमने आंदोलन समाप्त किया।
विधायक अर्चना चिटनीस ने किसानों को यह आश्वासन लिखित रूप में अपने लेटरहेड पर सौंपा। उन्होंने कहा कि अगर तय समय में योजना लागू नहीं हुई तो वे खुद किसानों के साथ फिर सड़क पर उतरेंगी। किसानों ने भी स्पष्ट कहा तीन महीने बाद अगर वादा अधूरा रहा तो आंदोलन पहले से भी उग्र होगा।
सांसद बोले- सरकार किसानों के साथ, गलत एफआईआर हुई तो होगी जांच
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि किसानों की मुख्य मांग है कि उन्हें मौसम आधारित फसल बीमा का लाभ मिले। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उन्होंने दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री से चर्चा की थी और लोकसभा में भी 4 फरवरी को यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा सरकार किसानों की हितैषी है। अगर किसी किसान पर गलत तरीके से एफआईआर दर्ज हुई है तो उसकी जांच होगी, लेकिन अगर किसी ने नेतागिरी के लिए कानून हाथ में लिया तो पुलिस के पास सबूत मौजूद हैं।
लोकसभा में भी उठाई थी मांग
सांसद श्री पाटिल ने किसानों से चर्चा कर कहा कि जिले में केला फसल पर किसानों को बीमा का लाभ मिले इसके लिए वे सतत प्रयासरत है। मेरे द्वारा लोकसभा में भी इस मांग को उठाया गया। यही नहीं नेपानगर विधायक मंजू दादु ने भी यह मांग विधानसभा में पुरजोर तरीके से रखी थी। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विश्वास दिलाया था कि किसानो की यह मांग सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। जिले के किसान भाईयो की हर साल प्राकृतिक आपदाओं के कारण केला फसल को भारी नुकसान होता है। इसलिए हमारी सरकार ने राजस्व विभाग के आरबीसी नियम 6-4 के तहत मुआवजा वितरण करना शुरू किया हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आप की मांग जल्द पूरी होंगी।
विधायक चिटनीस ने कहा- सरकार किसान हितैषी है, प्रक्रिया शुरू हो चुकी है
विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लिया है। आने वाली कैबिनेट बैठक के बाद ऑटोमेटिक विथर स्टेशन टेंडर और एजेंसी चयन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद उद्यानिकी फसलों, खासकर केले, का बीमा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक राजस्व विभाग के आरसीबीएस नियम 6-4 के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹2 लाख तक मुआवजा देने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।
तीन महीने का समय दिया
धरना स्थल पर मौजूद किसानों में सीएम से सीधी बात होने के बाद राहत तो दिखी, लेकिन उनके तेवर अब भी नरम नहीं पड़े। किसान नेता किशोर वासनकर ने कहा तीन महीने का वक्त हमने सरकार को दिया है। अगर तब तक बीमा लागू नहीं हुआ, तो हम फिर धरने पर बैठेंगे- इस बार पूरे जिले के किसान सड़कों पर उतरेंगे।
प्रशासन ने ली राहत की सांस
तीन दिन से जारी किसानों के आंदोलन से मंडी परिसर में तनाव का माहौल था। पुलिस और प्रशासन लगातार मोर्चा संभाले हुए थे। आंदोलन खत्म होने के साथ ही जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।