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नेशनल हाईवे में आ रही किसानों की जमीन, रोड नहीं बनाया तो किसान करेंगे आंदोलन 

इंदौर से मुक्ताईनगर तक बन रहा है नेशनल हाईवे, उमरदा के किसानों की 100 एकड़ जमीन प्रभावित बुरहानपुर। नेशनल हाईवे के निर्माण में कईं किसानों की जमीन आ रही है। निर्माण कार्य भी जारी है, लेकिन इस बीच निर्माण कंपनी की मनमानी सामने आई है। दरअसल कंपनी द्वारा सर्विस रोड नहीं बनाया जा रहा है। […]

  • इंदौर से मुक्ताईनगर तक बन रहा है नेशनल हाईवे, उमरदा के किसानों की 100 एकड़ जमीन प्रभावित

बुरहानपुर। नेशनल हाईवे के निर्माण में कईं किसानों की जमीन आ रही है। निर्माण कार्य भी जारी है, लेकिन इस बीच निर्माण कंपनी की मनमानी सामने आई है। दरअसल कंपनी द्वारा सर्विस रोड नहीं बनाया जा रहा है। साथ ही जो पुलिया बनाई जा रही है उसकी हाईट भी इतनी कम है कि किसान चिंतित हो उठे हैं। अब किसानों का कहना है कि अगर कंपनी ने लापरवाही बरती तो हम आंदोलन करेंगे। दरअसल ग्राम उमरदा से नेशनल हाईवे निकल रहा है जो इंदौर से मुक्ताईनगर तक बन रहा है। इसके तहत उमरदा के किसानों की करीब 100 एकड़ से अधिक खेती प्रभावित हो रही है जिससे किसान खासे परेशान हैं।
किसान बोले-कंपनी सर्विस रोड नहीं बना रही
एक दिन पहले किसान बुरहानपुर पहुंचे थे और विरोध दर्ज कराया था। किसानों का कहना है कि निजी कंपनी द्वारा मनमानी की जा रही है। सर्विस रोड नहीं दिया जा रहा है। जो रोड बनाया जा रहा है वह काफी उंचा कर दिया गया है। साथ ही पुलिया ही हाईट भी काफी कम है। इसे लेकर गुरूवार को भी किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अफसरों से शिकायत की थी।
उमरदा में बनाया जा रहा ब्रिज
किसानों ने कहा गांव से नेशनल हाईवे निकल रहा है। बीच में ब्रिज बनाया जा रहा है। इसके कारण रोड की हाईट काफी उंची कर दी गई है। ऐसे में ट्रेक्टर ट्रॉली से किसान अपनी उपज नहीं ले जा सकेंगे। किसानों ने कहा यहां अधिकांश किसान केला और गन्ना फसल लगाते हैं। निजी कंपनी की लापरवाही के कारण करीब 100 एकड़ खेती प्रभावित होगी। यहां अंडर पास या सर्विस रोड देना चाहिए। जो अंडर पास बनाया जा रहा है उसकी हाईट महज 12 से 13 फिट है जबकि केला, गन्ना के वाहन ले जाते समय हाईट कम से कम 20 से 22 फिट की होना चाहिए। ऐसे में हाईट कम होने से यहां से ट्रक नहीं निकल पाएंगे। एक दिन पहले किसानों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा। जिसमें कहा गया कि खेतों में आने जाने का रास्ता नेशनल हाईवे निर्माण के कारण बाधित हो रहा है। जिन किसानों का आवागमन प्रभावित हो रहा है उनकी संख्या करीब 21 से अधिक है। इसमें नारायण पुरूषोत्तम, पुरूषोत्तम मनोहर, ताराचंद धोंडु, ओम भारद्वाज, जगदीश भानुदास पाटिल, प्रमोद आमोदे, रमेश जैसवाल, शांताराम ष्शामराव, दगडु शिवराम महाजन, गजानन मुरलीधर महाजन, कैलाश बाबुराव, दिनेश भगवान महाजन, ज्ञानेश्वर पांडुरंग, कैलाश पांडुरंग, सुरेश भारद्वाज, दुर्गा प्रभाकर, समाधान पंडित, लता बाई रमेश पाटिल, जीजा बाई जगदीश पाटिल, चेतन जगदीश पाटिल, राहुल जगदीश पाटिल, संतोष भारद्वाज सहित अन्य शामिल हैं।
हर बार मिलता है सिर्फ आश्वासन
किसानों में इसे लेकर जबरदस्त आक्रोश है। शुक्रवार को भी किसानों ने इसे लेकर आक्रोश जताया। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 753 फोरलेन के लिए किसानों की जमीन अर्जित की जा रही है। खेतों में जाने का परंपरागत रास्ता फोरलेन निर्माण कार्य से बाधित हो गया है। मौके पर जो भी अधिकारी आते हैं वह आए दिन किसानों को केवल आश्वासन ही देते हैं। कहते हैं नियमानुसार रास्ता दिया जाएगा, लेकिन रास्ता किस दिशा से उपलब्ध कराएंगे यह स्थिति स्पष्ट नहीं करते। वर्तमान में हमारे खेतों में जाने का रास्ता निर्माण कार्य के कारण बाधित हो गया है। खेतों में केली और गन्ना फसल लगी है। ऐसे में फसलें बर्बाद हो रही है। जो रास्ता बाधिक हुआ है उसके स्थान पर जल्द दूसरा रास्ता बनाया जाए।
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