नेपानगर। प्रथम हिंद केसरी रामचंद्र बाबू पहलवान का शनिवार को निधन हो गया। उन्होंने 250 से अधिक कुश्तियां जीती थी। उनका जन्म 1929 को बुरहानपुर में हुआ था। पिछले कुछ दिनों से रामचंद्र पहलवान अस्वस्थ्य थे। नेपानगर विधायक मंजू दादू उनका हालचाल जानने पहुंची थी। उनके पास आज भी 15 किलो चांदी का एक गदा मौजूद है जो उन्हें कर्नाटक के गर्वनर ने पुरस्कार में दिया था। उनके निधन की खबर से नगर में शोक की लहर छा गई। अपने जीवन में उन्होंने करीब 10 से अधिक नामी पहलवानों को तैयार किया था उन्हें महाभारत सीरियल में भीम का रोल भी मिलने वाला था, लेकिन पिता के निधन के कारण वह मुंबई जाने से वंचित रह गए थे। उन्होंने थल सेना के प्रसिद्ध पहलवान को पटखनी देकर 1958 में हिंद केसरी का खिताब अपने नाम किया था।
प्रथम हिंद केसरी रामचंद्र बाबू पहलवान का निधन
नेपानगर। प्रथम हिंद केसरी रामचंद्र बाबू पहलवान का शनिवार को निधन हो गया। उन्होंने 250 से अधिक कुश्तियां जीती थी। उनका जन्म 1929 को बुरहानपुर में हुआ था। पिछले कुछ दिनों से रामचंद्र पहलवान अस्वस्थ्य थे। नेपानगर विधायक मंजू दादू उनका हालचाल जानने पहुंची थी। उनके पास आज भी 15 किलो चांदी का
On: April 20, 2024 8:35 PM