बुरहानपुर। औद्योगिक क्षेत्र उद्योग नगर के हजारों मजदूरों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। मामला था—सरकार द्वारा घोषित बढ़े हुए वेतन को अचानक कम करने का। मजदूरों ने कहा—“पहले वेतन बढ़ाकर उम्मीद जगाई, फिर कटौती कर दीपावली का त्योहार फीका कर दिया।” इसी नाराजगी में बड़ी संख्या में श्रमिक अवकाश के दिन कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हालांकि अधिकारी मौजूद नहीं थे, लेकिन सहायक श्रम पदाधिकारी से मजदूरों ने चर्चा की।
सरकार ने नया वेतनमान लागू किया, लेकिन उद्योगों ने दिया झटका
- मध्यप्रदेश सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 से नया वेतनमान लागू किया था।
- 11 अक्टूबर को मजदूरों को बढ़ा हुआ वेतन देकर भुगतान किया गया, जिससे मजदूरों को भरोसा हुआ कि अब नियमित रूप से यही वेतन मिलेगा।
- लेकिन शनिवार को वेतन बांटते समय अचानक उद्योग संचालकों ने कहा मामला जबलपुर हाईकोर्ट में चल रहा है, इसलिए वेतन फिर से घटाकर दिया जाएगा।
- इससे हजारों मजदूरों में आक्रोश फैल गया।
मजदूरों का हक छीना जा रहा है
उद्योग नगर एकता श्रमिक संघ के अध्यक्ष युनूस जमाल ने बताया सरकार ने जब नया वेतन घोषित कर दिया और एक बार उद्योगों ने दे भी दिया, तो फिर उसे घटाने का कोई कानून नहीं है। मप्र वेतन भुगतान अधिनियम भी यह साफ कहता है कि दिया गया बढ़ा हुआ वेतन वापस नहीं घटाया जा सकता। यह मजदूरों के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने आगे कहा दीपावली जैसा बड़ा त्योहार है, जहां मालिक मजदूरों को खुश करते हैं, वहीं बुरहानपुर में उद्योग संचालक मजदूरों की जेब काट रहे हैं। यह परंपरा के खिलाफ और संवेदनहीन फैसला है।
5 से 7 हजार मजदूर प्रभावित, कई बिना पगार के घर बैठे
- उद्योग नगर क्षेत्र में लगभग 5,000 से 7,000 मजदूर काम करते हैं।
- कई कारखानों में उत्पादन धीमा कर दिया गया है, मजदूरों को या तो आधी पगार दी जा रही है या बिना वेतन के घर बैठने को मजबूर किया जा रहा है।
- मजदूरों ने कहा, हम उद्योग बंद नहीं चाहते, लेकिन हमारा हक भी छीना न जाए।
कोर्ट में केस पेंडिंग है, फिर भी बैठक करेंगे
सहायक श्रम पदाधिकारी कन्हैयालाल मोरे ने चर्चा के दौरान कहा उद्योगों द्वारा यह मामला हाईकोर्ट में लगाया गया है और फिलहाल सुनवाई जारी है। फिर भी हम मजदूरों की बैठक बुलाकर चर्चा करेंगे और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मजदूरों की मांगें
- सरकार द्वारा घोषित नया वेतनमान तुरंत लागू किया जाए
- जो मजदूरी पहले बढ़ाकर दी थी, उसे घटाया न जाए
- दीपावली से पहले पूरा व बकाया वेतन दिया जाए
- प्रशासन उद्योग संचालकों और मजदूरों के बीच वार्ता कर समाधान निकाले
सवाल जो अभी हवा में तैर रहे हैं…
- क्या हाईकोर्ट का फैसला आने तक मजदूरों को घटा हुआ वेतन ही मिलता रहेगा?
- क्या प्रशासन मध्यस्थता कर कोई अंतरिम समाधान देगा?
- क्या दीपावली मजदूरों के घर इस बार फीकी रहेगी?