बुरहानपुर। दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच के बीच मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लालबाग स्थित विशाल मेगा मार्ट पहुंची। यहां जांच के दौरान दो तरह के घी के नमूने लिए गए और 78 किलो घी जब्त कर लिया गया। इसकी अनुमानित कीमत 46,800 रुपए है। नमूने जांच के लिए खाद्य विश्लेषक भोपाल भेजे गए हैं। अब लैब रिपोर्ट तय करेगी कि घी निर्धारित मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।
कार्रवाई केवल विशाल मेगा मार्ट तक सीमित नहीं रही। टीम ने शहर के पिसाई केंद्रों पर भी दबिश देकर मसालों के नमूने लिए। भारत पिसाई केंद्र से 19 किलो गरम मसाला जब्त किया गया, जबकि धनिया का नमूना लिया गया। मंडी बाजार स्थित बुरहानपुर पिसाई केंद्र से मिर्ची और धनिया के सैंपल लिए गए हैं।
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विशाल मेगा मार्ट में घी पर फोकस, दो उत्पादों के लिए सैंपल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लालबाग स्थित विशाल मेगा मार्ट का निरीक्षण किया। यहां से प्योर बर्स्ट काऊ मिल्क घी और न्यूट्रीलाइट शक्ति प्योर घी के नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई के दौरान कुल 78 किलोग्राम घी जब्त किया गया। विभाग ने इसकी अनुमानित कीमत 46,800 रुपए बताई है। नमूनों को भोपाल स्थित खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि जब्ती का मतलब घी का मिलावटी या अमानक साबित होना नहीं है। दोनों उत्पादों की गुणवत्ता पर अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट आने के बाद ही निकलेगा।
अब सवाल लैब से—पैकेट में जो दावा, क्या जांच में भी वही गुणवत्ता?
ब्रांडेड और पैकेज्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय उपभोक्ता कीमत के साथ गुणवत्ता का भरोसा भी खरीदता है। ऐसे में बड़ी मात्रा में घी की जब्ती स्वाभाविक रूप से ध्यान खींचती है। लेकिन फिलहाल सबसे अहम तथ्य जांच रिपोर्ट है। खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट में यदि नमूने मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। यदि गुणवत्ता में कमी या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित पक्ष के खिलाफ अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घी के बाद मसालों पर नजर, 19 किलो गरम मसाला जब्त
टीम इसके बाद भारत पिसाई केंद्र पहुंची। यहां धनिया का नमूना लिया गया और 19 किलो गरम मसाला जब्त किया गया। प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत धारा 32 का नोटिस भी जारी किया गया। इसके बाद मंडी बाजार स्थित बुरहानपुर पिसाई केंद्र की जांच की गई। यहां से मिर्ची और धनिया के नमूने लिए गए तथा प्रतिष्ठान को भी धारा 32 के तहत नोटिस जारी किया गया। इस तरह एक ही कार्रवाई में घी के साथ रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले भी खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दायरे में आए हैं।
78 किलो घी, 19 किलो मसाला; असली तस्वीर रिपोर्ट के बाद
विभाग के अनुसार सभी नमूने खाद्य विश्लेषक भोपाल को भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट में किसी खाद्य पदार्थ में कमी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियम, 2011 के तहत नियमानुसार कार्रवाई होगी। मंगलवार की कार्रवाई में आंकड़े जरूर बड़े हैं—78 किलो घी, कीमत 46,800 रुपए और 19 किलो गरम मसाला जब्त। लेकिन उपभोक्ताओं के लिहाज से असली सवाल अभी बाकी है—जिन उत्पादों के सैंपल उठाए गए, वे लैब की कसौटी पर पास होंगे या फेल? अब खाद्य विश्लेषक भोपाल की रिपोर्ट ही इसका जवाब देगी।



