बुरहानपुर। मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (SIR-2026) की प्रगति तेज करने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। जिलेभर में बीएलओ घर–घर जाकर गणना पत्रक भरने के काम में जुटे हैं, वहीं अधिकारियों ने खुद फील्ड में उतरकर जमीनी स्थिति की विस्तार से जांच की। कलेक्टर से लेकर एसडीएम और तहसीलदार तक ने गुरुवार को विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर कार्य की समीक्षा की और कई स्थानों पर धीमी प्रगति पर नाराज़गी भी जताई।
नगर निगम में कलेक्टर का औचक निरीक्षण, 100% डिजिटाइजेशन के निर्देश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हर्ष सिंह ने नगर निगम बुरहानपुर में अचानक पहुंचकर ऑनलाइन फॉर्म सबमिशन, गणना पत्रक की मैपिंग, वोटर डेटा की एंट्री, बीएलओ और सुपरवाइजर की रिपोर्ट का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए पुनरीक्षण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों आवश्यक हैं। 100% डिजिटाइजेशन निर्धारित समय सीमा में पूरा हो, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित हो। निरीक्षण में अपर कलेक्टर वीर सिंह चौहान, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, तहसीलदार नितिन चौहान, नोडल अधिकारी और सुपरवाइजर मौजूद रहे।
नेपानगर में एसडीएम का सख्त रुख — 20–30% प्रगति देखकर भड़के
नेपानगर में एसडीएम एवं ईआरओ भागीरथ वाखला ने नगर पालिका और मतदान केंद्रों का दौरा किया। यहाँ एसआईआर की प्रगति बेहद धीमी मिली। कई बीएलओ का काम सिर्फ 20%, कुछ का 30% ही पूरा पाया गया। इस पर एसडीएम ने सख्त नाराज़गी जताते हुए चेतावनी दी- दो दिन में प्रगति सुधार नहीं दिखी तो कार्रवाई तय है। उन्होंने डेटा फीडिंग की रफ्तार बढ़ाने, फील्ड विज़िट सक्रिय रखने और रोजाना रिपोर्ट देने को कहा।
तहसीलदार भी पहुंचे फील्ड में, बीएलओ से ली गई वास्तविक जानकारी
बुरहानपुर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने विभिन्न शहरी इलाकों में बीएलओ द्वारा घर–घर जाकर किए जा रहे गणना पत्रक भरने के कार्य की जाँच की। वे कई स्थानों पर स्वयं नागरिकों से मिले और फॉर्म भरने में आने वाली परेशानियों को मौके पर ही सुलझाया।
प्रदेश रैंकिंग में बुरहानपुर 17वें स्थान पर — 24% डेटा फीड पूरा
जिले में अब तक लगभग 24% डाटा फीड किया जा चुका है। प्रदेश में बुरहानपुर की रैंकिंग 17वीं है। बीएलओ रोजाना फील्ड में जाकर गणना पत्रक जमा कर रहे हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश पाटीदार ने अपील की बीएलओ के आने का इंतज़ार न करें। जिनके फॉर्म भर चुके हैं, वे स्वयं केंद्र पर जमा कर दें।
जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की होड़—भ्रम का फायदा उठाते लोग
एसआईआर के दौरान जिले में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की अनावश्यक भीड़ उमड़ रही है। साइबर सेंटरों पर लंबी कतारें लगी हैं। जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया- यदि 2003 की मतदाता सूची में नाम है, कोई दस्तावेज नहीं लगेगा अगर परिवार में किसी सदस्य का नाम है, तब भी फॉर्म बिना किसी दस्तावेज के भर रहा है। केवल भ्रांतियों के कारण लोग प्रमाण पत्र बनवाने दौड़ रहे हैं। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया जन्म प्रमाण पत्र बनवाना एक अलग प्रक्रिया है। आवेदन केवल लोक सेवा केंद्र पर करें। साइबर केंद्र सिर्फ आवेदन फॉरवर्ड करते हैं।
पारदर्शिता और त्रुटिरहित मतदाता सूची प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर हर्ष सिंह ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए- क्षेत्रवार सर्वेक्षण पारदर्शी हो, गलत या अपूर्ण फॉर्म स्वीकार न किए जाएं। अपलोड की जा रही प्रविष्टियों की नियमित मॉनिटरिंग हो। प्रत्येक केंद्र की प्रगति का प्रतिदिन मूल्यांकन किया जाए। कलेक्टर ने कहा मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ है। इसमें किसी तरह की त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।