बुरहानपुर। लालबाग रोड स्थित हकीमी अस्पताल पर शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया। सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा ने अस्पताल का नर्सिंग होम पंजीयन और लाइसेंस निरस्त कर दिया।
यह कठोर फैसला 11 नवंबर को गर्भाशय ऑपरेशन के दौरान जैनाबाद निवासी वैष्णवी नागेश चौहान की मौत के बाद सामने आया। शहरभर में इस घटना ने भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।
IMA नाराज—48 घंटे की हड़ताल, सभी ओपीडी बंद
अचानक हुए इस निर्णय ने शहर के चिकित्सकों में नाराजगी पैदा कर दी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने विरोध जताते हुए 48 घंटे की हड़ताल घोषित कर दी। IMA अध्यक्ष डॉ. आबिद सैयद ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा रजिस्ट्रेशन रद्द करने से पहले अस्पताल को कमियां सुधारने का अवसर दिया जाता है। लेकिन इस मामले में बिना प्रक्रिया पूरी किए सीधे लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। IMA की घोषणा के बाद शहर में सभी ओपीडी सेवाएं 48 घंटे तक बंद रहेंगी, इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। डॉक्टरों का कहना है कि यह कार्रवाई प्रक्रियागत न्याय के अनुरूप नहीं है।
कमियां नोटिस में दर्शाई ही नहीं गईं — IMA
डॉ. आबिद सैयद ने स्पष्ट किया कि वह एडीएम की जांच पर सवाल नहीं उठा रहे, लेकिन यह जरूर कहा कि जांच में जो कमियां मिलीं, उन्हें जारी नोटिस में उल्लेखित ही नहीं किया गया। आदेश दबाव में जारी हुआ लगता है। IMA से जुड़े कई वरिष्ठ चिकित्सक भी इस फैसले को जल्दबाजी में लिया गया बताते हैं।
डॉक्टर–मरीज संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका
IMA की वरिष्ठ सदस्य डॉ. कीर्तिका तारवाला ने चिंता जताते हुए कहा एक घटना के कारण मरीज और डॉक्टर के रिश्तों में कड़वाहट आई है। इसे सभी को समझना होगा और संवाद बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि शहर की चिकित्सा सेवाओं पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े, इसके लिए दोनों पक्षों को संयम से काम लेना चाहिए।
शहर में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
IMA की हड़ताल का सीधा असर शहर के निजी चिकित्सा संस्थानों पर पड़ेगा। नियमित जांचें, छोटे–बड़े ऑपरेशन, ओपीडी आधारित उपचार सब प्रभावित रहेंगे। हालांकि, गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी।
वैष्णवी मौत मामला—पृष्ठभूमि
- 11 नवंबर को हकीमी अस्पताल में गर्भाशय ऑपरेशन के दौरान 21 वर्षीय वैष्णवी की मौत
- परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया
- शहर में लामबंदी, हनुमान चालीसा पाठ, जनसमर्थन बढ़ा
- 5 दिन की क्रमिक भूख हड़ताल, जनदबाव बना
- सांसद के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने लाइसेंस रद्द किया