बुरहानपुर। नगर निगम बुरहानपुर में शुक्रवार शाम ढाई घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। दो पार्षद प्रतिनिधियों की कहासुनी ने हंगामे का रूप ले लिया। इस दौरान आयुक्त कक्ष के कांच टूट गए और निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि पार्षद प्रतिनिधि सुमित वारूड़े ने गांधी कॉलोनी वार्ड पार्षद प्रतिनिधि हफीज मंसूरी को थप्पड़ मार दिया, हालाँकि बाद में दोनों ने इस बात से इनकार कर दिया। जबकि करीब ढाई घंटे तक यहां हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। वहीं इसे लेकर विवाद गहराने पर काफी संख्या में लोग नगर निगम में जमा हो गए। आयुक्त संदीप श्रीवास्तव के कक्ष में जाने लगे। इसी बीच कुछ लोगों ने आयुक्त कक्ष के कांच भी फोड़ दिए। सूचना मिलने पर काफी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। साथ ही 4 थानों के टीआई, एएसपी अंतर सिंह कनेश, सीएसपी गौरव पाटील सहित कांग्रेस भाजपा नेता भी नगर निगम पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद शाम 6.30 बजे समझाईश के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद दोनों में सहमति बनी और बाहर निकलकर दोनों पार्षद प्रतिनिधि गले मिले। साथ ही कहा हमारे बीच अब कोई विवाद नहीं है।
एएसपी एएस कनेश ने कहा दो पार्षद प्रतिनिधियों का विवाद था। आपस में सहमति बना ली है। सुरक्षा की दृष्टि से बल तैनात कर दिया गया था। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा दो पार्षद प्रतिनिधियों का आपसी विवाद था। विवाद जैसी कोई स्थिति नहीं है। तोड़फोड़ की कोई जानकारी नहीं है। मैं अंदर ही कमरे में बैठा था। अगर ऐसा होगा तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं सुमित वारूड़े ने कहा हमारा कोई विवाद नहीं है न कभी होगा। कुछ गलतफहमी थी जो बैठक में दूर हो गई। न ही दो पक्षों मे विवाद है न ही हमारा आपस में कोई विवाद है। हफीज मंसूरी ने कहा कोई विवाद नहीं था। एक अनजान व्यक्ति के कारण ऐसा हुआ। कमिष्नर के सामने बैठे तो आपस में सहमति बनी।
ढाई घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा
नगर निगम में करीब ढाई घंटे तक ड्रामा चलता रहा। पुलिस ने भीड़ को बाहर किया। अंदर निगम आयुक्त कक्ष में बैठक चलती रही। इसमें काफी संख्या में कांग्रेसी, भाजपा नेता शामिल रहे। काफी संख्या में लोगों की भीड़ यहां जमा हो गई थी। बताया जा रहा है कि खुद नगर निगम आयुक्त ने एसपी को फोन लगाकर जानकारी दी थी। इसके बाद एएसपी, सीएसपी आदि यहां पहुंचे। त्योहार के मौके पर जनप्रतिनिधियों के बीच हुए इस विवाद से षहर का माहौल भी खराब हो सकता था, लेकिन पुलिस ने समय पर पहुंचकर स्थिति पर नियंत्रण किया।