बुरहानपुर। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह सोलंकी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संघ ने साफ चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो जिला स्तर पर बड़ा धरना आंदोलन किया जाएगा।
प्रमुख मांगे
ज्ञापन में कर्मचारियों ने कई मुद्दे उठाए।
- वेतन विसंगति दूर करना
- लंबित डीए एरियर्स का भुगतान
- क्रमोन्नति और एरियर का भुगतान
- पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति
- 12 और 24 वर्ष की क्रमोन्नति का लाभ
- जिला स्तर पर वेतन निर्धारण व्यवस्था लागू करना
कोषाध्यक्ष सुनील कोटवे ने स्पष्ट कहा कि जब तक वेतन और एरियर का भुगतान समय पर नहीं होगा, तब तक कर्मचारियों में असंतोष बना रहेगा।
नेताओं के तीखे तेवर
राष्ट्रीय कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप इंगले, संघ के संभागीय सचिव संजय सिंह गहलोत और जिला अध्यक्ष सुनिता महाजन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा – अब कर्मचारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हर मांग को लेकर हम पूरी ताकत से लड़ेंगे और अपना अधिकार लेकर रहेंगे। यदि समाधान नहीं हुआ तो जिला स्तरीय आंदोलन अवश्य होगा। ज्ञापन का वाचन संभागीय सचिव संजय गहलोत ने किया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें दिलीप इंगले, संजय गहलोत, शांताराम निंभोरे, सुनिता महाजन, आसिफ पिंजारी, कैलाश राठौड़, सुनील कोटवे, उमेश रुपेरी, अनिल जैसवाल, हरीश जोशी, मोहम्मद फहीम, देवानंद वानखेड़े, गणेश अग्रवाल, अभिषेक जैन, अश्विन काले, विवेक बालापुरकर, कंचन रावत सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
आंदोलन की तैयारी
संघ के पदाधिकारियों ने साफ कहा है कि एक सप्ताह के भीतर मांगे पूरी नहीं हुईं तो जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन होगा। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान अब टाले जाने लायक नहीं है।