बुरहानपुर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय सबका ध्यान खींच ले गई, जब ग्राम नागझिरी निवासी लखन पिता मोरसिंग पटेल आंखों पर काली पट्टी बांधकर पहुँचा। युवक ने कहा कि पंचायत सचिव की मनमानी और भ्रष्टाचार के कारण गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है।
युवक ने जनसुनवाई में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सचिव उदय महाजन ने प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े किसानों को भी लाभ दे दिया है। जिनके पास 8 से 10 एकड़ खेती है, उन्हें भी आवास स्वीकृत किए गए। जबकि गरीब और पात्र परिवार वंचित रह गए।
युवक ने जानकारी मांगी तो पंचायत सचिव ने सूचना के अधिकार के तहत 515 पन्नों की जानकारी देने के लिए 12 रुपए प्रति पन्ना के हिसाब से कुल 6180 रुपए जमा कराए। युवक ने कहा कि जब कानून एक रुपए प्रति पन्ना की कॉपी का प्रावधान करता है, तब 12 गुना ज्यादा वसूली की गई। जानकारी भी एक महीने बाद दी गई।
लखन पटेल ने जनसुनवाई में स्पष्ट कहा पीएम आवास योजना में गड़बड़ियों की जांच हो। जिम्मेदार पंचायत सचिव उदय महाजन को पद से हटाया जाए।
विरोध का तरीका क्यों चुना?
युवक ने कहा– गांव में कानून अंधा हो गया है। गरीबों का हक छीना जा रहा है और बड़े किसानों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। यही कारण है कि मैं काली पट्टी बांधकर आया हूँ, ताकि व्यवस्था की अंधी आँखें सबके सामने खुल सकें।
जन सुनवाई में यह भी आई शिकायतें
- एक महिला वकील के साथ पिछले दिनों मारपीट हुई थी। इसे लेकर गुजराती समाजन की ओर से जन सुनवाई में शिकायत कर कहा गया कि 11 सितंबर की रात 9.30 बजे से 10 बजे के बीच कुछ लोगों द्वारा एकमत होकर महिला वकील के साथ मारपीट की गई। महिला के पति, बच्चों के साथ भी मारपीट की गई। दरअसल कुछ लोगों ने अवैध कॉलोनी काटी है। इसकी शिकायत महिला के पति ने जन सुनवाई में की थी। इसके बाद परिवार को परेशान किया जा रहा है। अफसरों ने शिकायत लेकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
- ग्राम बसाड़ के रहवासी काफी संख्या में जन सुनवाई में पहुंचे। उन्होंने कहा-कईं परिवार बसाड़ में सालों से रह रहे हैं, लेकिन अब तक जहां कईं मकान हैं उस क्षेत्र को आबादी घोषित नहीं किया गया है। इसके कारण पट्टे का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि पंचायत की ओर से भूमि को आबाद घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। ग्रामीणों ने मांग की कि भूमि को आबादी घोषित करना चाहिए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
- जन सुनवाई में कुछ लोगों ने शिकायत की कि बिजली कंपनी की ओर से बिल नहीं भरने पर लाइन काटी जा रही है। लाइन जोड़ने के 340 रूपए लग रहे हैं। पार्षद फहीम हाशमी ने कहा अगर किसी व्यक्ति का बिजली बिल 200 रूपए आया और वह उसे समय पर अदा नहीं कर पाया तो लाइन कटने पर उसे 340 रूपए भरने पड़ रहे हैं। बिजली कंपनी की ओर से पहले से कोई अलर्ट नहीं भेजा जाता कि अगर बिल नहीं भरा तो लाइट कट जाएगी। ऐसे में लोग खासे परेशान हो रहे हैं।
- समाजसेवी तोताराम खंडेराव की ओर से आवेदन दिया गया कि शहर में नवदुर्गा के दौरान गरबा इवेंट पर रोक लगाई जाना चाहिए। जहां पर दुर्गा मां की स्थापना नहीं होती है वहां पर भी बड़े बड़े पांडाल लगाकर 300 रूपए के कूपन बेचकर गरबा इवेंट कराए जाते हैं। यहां खाद्य सामग्री भी मंहगे दामों पर मिलती है। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होते। ऐसे में कोई बड़ी घटना हो सकती है। गरबा इवेंट में लोग ज्यादा जाते हैं इसलिए गरबा पंडाल खाली नजर आते हैं।