बुरहानपुर। खकनार से रेणुका मंडी तक निकली ट्रैक्टर रैली गुरुवार को उस वक्त बेकाबू हो गई जब भीड़ ने अनुमति शर्तों को ताक पर रखकर कलेक्टर कार्यालय में घुसने की कोशिश की। रैली का उद्देश्य तो केला किसानों की मांगें उठाना था, पर स्थिति अचानक हिंसक रूप ले गई। राजनितिक जमीन तलाशने में जुटे कुछ कांग्रेसियों ने भीड़ को उकसाने का काम किया। थाना लालबाग पुलिस ने सात नामजद और करीब 70–80 अज्ञात आंदोलनकारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 190, 132, 223 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है।
कैसे बिगड़ा मामला: ट्रैक्टर से धकेला गेट, भीड़ ने की तोड़फोड़
दोपहर करीब 3 बजे के बीच रैली जब कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंची, तो वहां से रेणुका रोड की ओर निकलने का मार्ग तय था। लेकिन अचानक 70–80 लोगों की भीड़ पीछे से आई और कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। कांग्रेस नेता हर्षित ठाकुर, दीपक श्रीधर, शिव कुशवाह, निलेश चौधरी, बाड्डु नारायण, निलेश पासे और गोकुल चौधरी ने भीड़ को अंदर घुसने के लिए उकसाया। इसी दौरान आदित्य ठाकुर (बुरहानपुर) ट्रैक्टर लेकर गेट के पास पहुंचा और उसे अंदर ले जाने की कोशिश करने लगा। जब पुलिस ने रोका तो भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और कलेक्टर कार्यालय के कांच के गेट तक पहुंच गई, जहां सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
आयोजक बोले — ये लोग हमारे साथ नहीं थे
रैली के आयोजक किशोर वासनकर ने कहा कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ की, वे रैली के आधिकारिक प्रतिभागी नहीं थे। उन्होंने बताया कि रैली एसडीएम की अनुमति के अनुसार शांतिपूर्वक रेणुका रोड की ओर बढ़ रही थी।
पुलिस रिपोर्ट में बताया कि एसडीएम द्वारा स्पष्ट रूप से कलेक्टर कार्यालय में धरना या ज्ञापन की अनुमति नहीं दी गई थी। बावजूद इसके कुछ लोग जबरन घुसने की कोशिश करने लगे। सरकारी आदेश का उल्लंघन हुआ और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन धाराओं में मामला दर्ज
- धारा 190: वैधानिक आदेश की अवहेलना।
- धारा 132: लोक सेवक के कर्तव्य पालन में बाधा।
- धारा 223: सार्वजनिक शांति भंग करने का अपराध।
- सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना।
अब आगे क्या?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप्स की जांच जारी है।
पहचाने गए सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, अज्ञात लोगों की पहचान के लिए फोटो और वीडियो स्क्रीनिंग की जा रही है।
कानून हाथ में लेने वालों को बक्शेगे नहीं
कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर कलेक्टर कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। भीड़ को उकसाने वालों पर भी कार्रवाई की गई है। तोड़फोड़ मामले में 8 लोगों पर नामजद व अन्य पर केस दर्ज किया गया है। कानून हाथ में लेने वालों को बक्शेगे नहीं। – देवेन्द्र पाटीदार, एसपी बुरहानपुर