बुरहानपुर। भारत की ऐतिहासिक नगरी बुरहानपुर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। मेक्रो विज़न एकेडमी, जो देश की चिर-प्रतिष्ठित सीबीएसई स्कूलों में गिनी जाती है, ने अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर क्रोनोस्फीयर के साथ मिलकर पायथन प्रोग्रामिंग में दो अभूतपूर्व विश्व रिकॉर्ड बना दिए हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की गवाही देने और इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स, लंदन को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था।
पहला रिकॉर्ड: 24 घंटे, 750 छात्र, 1,440 प्रोग्राम
मेक्रो विज़न एकेडमी के विशाल 18,000 वर्गफुट के टेक्नोलॉजी ब्लॉक में आयोजित इस मैराथन में 750 छात्रों ने मात्र 24 घंटे में 1,440 यूनिक पायथन प्रोग्राम पूरे किए। यह न केवल टीमवर्क और समस्या-समाधान का प्रमाण था, बल्कि इसने दिखा दिया कि छात्र किस तरह सामूहिक प्रयास से असंभव को संभव बना सकते हैं।
दूसरा रिकॉर्ड: 480 मिनट, 480 प्रोग्राम
दूसरे प्रयास में चुनिंदा विद्यार्थियों ने सिर्फ 480 मिनट (8 घंटे) में 480 पायथन प्रोग्राम लिख डाले। इतनी तगड़ी रफ्तार और एकाग्रता के लिए जिस साहस, कौशल और जुनून की जरूरत होती है, वह नज़ारा बुरहानपुर ने अपनी आंखों से देखा।
अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर – स्कूली स्तर पर देश का नंबर-1
मेक्रो विज़न एकेडमी के टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर की बात करें तो यह 18,000 वर्गफुट में फैला है, जहां 9 अत्याधुनिक लैब और 250 हाई-परफॉर्मेंस iMac कंप्यूटर लगे हैं। यहां छात्र सिर्फ प्रोग्रामिंग ही नहीं सीखते, बल्कि डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, नैतिक हैकिंग, नेटवर्किंग और एनीमेशन तक की ट्रेनिंग पाते हैं। यानी जहां बाकी छात्रों को यह सब कॉलेज में जाकर मिलता है, वहीं बुरहानपुर के बच्चे इसे स्कूल स्तर पर ही सीख रहे हैं।
हम सिर्फ नंबर नहीं, भविष्य गढ़ते हैं
एकेडमी का विज़न साफ है हमारा मिशन केवल उच्च अंक लाना नहीं है, बल्कि ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो स्कूल से निकलते ही इंडस्ट्री-रेडी हो। छात्रों को विश्वस्तरीय तकनीकी माहौल और असली उद्योग जैसा अनुभव देकर मेक्रो विज़न यह सुनिश्चित कर रहा है कि वे ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा करने वाले लीडर और इनोवेटर बनें।
बुरहानपुर का नाम चमका – प्रबंधन ने जताया आभार
इस अवसर पर एकेडमी के चेयरमैन आनंद प्रकाश चौकसे, मंजूषा चौकसे, मिस अंतरा चौकसे, ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के डायरेक्टर कबीर चौकसे एवं देवांशी चौकसे, क्रोनोस्फीयर के चीफ मनोज कुमार और उनकी टीम, सीटीओ ऑफिसर विजय सुखवानी, तथा प्राचार्य जसवीर सिंह परमार ने खुशी जाहिर करते हुए सभी विद्यार्थियों और टीम का आभार व्यक्त किया।
भविष्य की ओर साहसिक कदम
यह उपलब्धि न सिर्फ बुरहानपुर बल्कि पूरे भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक नई मिसाल है। विश्वस्तरीय सत्यापन के साथ यह आयोजन आने वाले समय में देश के हजारों-लाखों छात्रों को प्रोग्रामिंग और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की ओर प्रेरित करेगा।