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बुरहानपुर में “गायत्री संस्कार ट्रस्ट” पर नाबालिग और बेमेल विवाह कराने के आरोप
बुरहानपुर। जिले में “गायत्री संस्कार ट्रस्ट” नाम की संस्था विवादों में घिर गई है। आरोप है कि यह संस्था गायत्री परिवार का नाम भुनाकर अवैध शादियाँ करा रही है। न केवल माता-पिता की सहमति के बिना, बल्कि नाबालिग और बेमेल विवाह भी कराए जा रहे हैं। रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस तरह के कामों से उनका नाम बदनाम हो रहा है।
दरअसल मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में हुई जनसुनवाई में कई लोगों ने यह शिकायत दर्ज कराई थी कि गायत्री संस्कार ट्रस्ट के जरिए बिना अभिभावकों की मंजूरी विवाह कराए जा रहे हैं। इस पर रविवार को गायत्री परिवार ट्रस्ट ने खुलकर अपना पक्ष रखते हुए कहा हमारी संस्था का इस काम से कोई लेना-देना नहीं। कुछ लोग गायत्री शब्द का गलत इस्तेमाल कर समाज को गुमराह कर रहे हैं।
ट्रस्टियों का आरोप – दो साल से शिकायत, कार्रवाई नहीं
अखिल विश्व गायत्री परिवार ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी बसंत मोंढे ने कहा हम दो साल से कलेक्टर, एसडीएम और थाने तक शिकायत कर चुके हैं। यहाँ तक कि लिखित में सबूत भी दिए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब समाज को साथ लेकर आंदोलन करना पड़ेगा। मोंढे ने बताया कि गायत्री परिवार का गायत्री संस्कार ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं है तथा गायत्री परिवार इस तरह की कोई भी अवैध शादियां नहीं करता। यहां की गतिविधि गायत्री परिवार के प्रमुख केंद्र शांतिकुंज हरिद्वार से निर्धारित होती है। जिसमें विवाह को संस्कार के रूप में संपन्न कराया जाता है। जिसमे माता-पिता की उपस्थिति अनिवार्य होती है।
10 हजार में धंधा, 10 मिनट में शादी
गायत्री परिवार के मनोज तिवारी ने बताया गायत्री संस्कार ट्रस्ट का संचालन करने वाला एक बिहारी व्यक्ति धंधा चला रहा है। 10 हजार रुपए में शादी कराता है। 10 मिनट में रस्में पूरी करके फर्जी प्रमाणपत्र तक दे देता है। जबकि विवाह सर्टिफिकेट देने का अधिकार सिर्फ कोर्ट को है। उन्होंने बताया कि अधिकांश जोड़े बाहर राज्यों से भागकर आते हैं। माता-पिता की मौजूदगी नहीं होती और शादी कर दी जाती है।
भरोसे को तोड़ने वाला काम
संजय राठौर और सुंदरलाल प्रल्हाद चौधरी ने कहा यह ट्रस्ट जिले में सामाजिक ताना-बाना बिगाड़ रहा है। अलग-अलग जातियों और कम उम्र की लड़कियों के विवाह कराकर समाज में विसंगति फैलाई जा रही है। अभिभावक मजबूर होकर विरोध दर्ज कराने आते हैं। प्रशासन को तत्काल सख्त कदम उठाना चाहिए।
शहर के सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गायत्री परिवार समाज सेवा और संस्कारों के लिए जाना जाता है। अगर कोई संस्था उसी नाम से अनैतिक काम कर रही है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जिला प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
गायत्री परिवार के लोगों का कहना है कि शिकायतें लंबे समय से की जा रही हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि समाज का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहा है।