बुरहानपुर। शहर में शनिवार को सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस गुप्त टीम की रही, जो शुक्रवार देर रात बुरहानपुर पहुंची और बिना किसी शोर-शराबे के सुबह रवाना भी हो गई। टीम ने न स्थानीय पुलिस से संपर्क किया, न ही किसी औपचारिक चर्चा का संकेत छोड़ा। अचानक हुई इस गतिविधि ने पूरे जिले में सस्पेंस बढ़ा दिया है।
सूत्रों की मानें तो यह टीम दिल्ली के लाल किले के सामने पार्किंग में चलती कार में हुए बम धमाके की जांच के सिलसिले में यहां आई थी। इस धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी। केस खुलने के बाद जांच एजेंसी की नजर अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ डॉक्टरों पर गई थी, जिनके तार जांच में संदिग्ध रूप से सामने आए हैं।
अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर की तलाश! पर कोई पुष्टि नहीं
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम कथित तौर पर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक डॉक्टर की तलाश में बुरहानपुर पहुंची थी। शहर में चर्चाएं हैं कि टीम ने कुछ जगहों पर डिस्क्रीट पूछताछ भी की, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि किसी स्तर पर नहीं हो सकी।
हमसे संपर्क नहीं किया—स्थानीय पुलिस भौंचक्क
बुरहानपुर के सीएसपी गौरव पाटिल ने साफ कहा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आने की जानकारी तो है, लेकिन उन्होंने स्थानीय पुलिस से एक भी संपर्क नहीं किया। इसलिए हम आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कह सकते। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन दिनों एनआईए कई राज्यों में अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टरों की तलाश कर रही है, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है।
चर्चाओं का बाजार गर्म, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं
एनआईए की इस इन-आउट कार्रवाई ने शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। कोई जांच की आधिकारिक जानकारी नहीं, कोई गिरफ्तारी नहीं, न तलाशी की पुष्टि, न किसी संदेही का खुलासा। इससे साफ है कि एनआईए अपनी कार्रवाई सिर्फ अपने स्तर पर और पूरी गुप्तता में कर रही है।