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22 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं: वैष्णवी मौत मामला गरमाया, परिजन दो दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर

— हकीमी हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोप, हनुमान चालीसा पाठ से न्याय की गुहार, संगठनों का बढ़ता समर्थन

On: December 2, 2025 8:09 PM
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22 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं: वैष्णवी मौत मामला गरमाया | परिजन क्रमिक भूख हड़ताल पर | हकीमी हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोप

बुरहानपुर। लालबाग रोड स्थित हकीमी हॉस्पिटल में 11 नवंबर को गर्भाशय ऑपरेशन के दौरान स्व. वैष्णवी चौहान की मौत के बाद 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो डॉक्टर पर कार्रवाई हुई और न ही अस्पताल प्रबंधन पर कोई दंडात्मक कदम उठाया गया है। कार्रवाई न होने से आक्रोशित परिजन और रिश्तेदार शनवारा गेट के पास दो दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। हड़ताल स्थल पर जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है, और यह मामला अब जिले का बड़ा संवेदनशील मुद्दा बन गया है।

हकीमी हॉस्पिटल पर लापरवाही के आरोप: एक ऑपरेशन, एक गलती और जिंदगी खत्म

दरअसल परिजनों का कहना है कि अस्पताल की चिकित्सकीय लापरवाही के कारण वैष्णवी की जान गई।
घटना के दिन परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था और सर्जरी टीम पर गंभीर आरोप लगाए थे। 22 दिनों बाद भी डॉक्टर का निलंबन नहीं, अस्पताल पर कार्रवाई नहीं, जांच पूरी नहीं, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं। परिजनों का सवाल है- 22 दिन में भी सच बाहर क्यों नहीं आया? किसे बचाया जा रहा है?

हनुमान चालीसा पाठ से सद्बुद्धि की प्रार्थना

मंगलवार को राधे–राधे मंडल ने हड़ताल स्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। उनका कहना था जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सद्बुद्धि मिले और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो। चालीसा पाठ के बाद हड़ताल की भावना और तेज दिखी। स्थानीय लोगों में भी नाराज़गी गहराती जा रही है।

एआईएमआईएम भी मैदान में उतरी

मामले को लेकर राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष जहीरउद्दीन और नफीस मंशा खान ने हड़ताल स्थल पर पहुंचकर कहा हम पीड़ित परिवार के साथ हैं। यदि डॉक्टर या अस्पताल दोषी हैं तो सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। समर्थन मिलने से परिजनों का हौसला और बढ़ा है।

समिति बनी लेकिन नतीजा शून्य

कुछ दिन पहले सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, नेपानगर विधायक मंजू दादू ने कलेक्टर हर्ष सिंह से मुलाकात कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद कलेक्टर ने एडीएम वीर सिंह चौहान सहित अधिकारियों की जांच समिति बनाई थी। लेकिन 22 दिनों में भी समिति की रिपोर्ट नहीं आई। यानी परिजन आज भी उसी सवाल पर अटके हैं-अस्पताल दोषी है या नहीं? आखिर देरी क्यों?

जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल

मृतका का पोस्टमार्टम महिला अधिकारी व डॉक्टर्स पैनल की मौजूदगी में हुआ था। पुलिस ने तब कहा था कि रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं, कार्रवाई नहीं, FIR तक नहीं, अस्पताल पर प्रशासनिक कदम भी नहीं। शहर में चर्चा यह भी है कि क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में जांच धीमी की जा रही है?

अन्य पीड़ित भी आगे आए, अस्पताल पर गंभीर आरोप

कुछ दिन पहले अन्य मरीजों के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हकीमी अस्पताल पर गलत इलाज, लापरवाही, और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। वे भी अब भूख हड़ताल को समर्थन देंगे। इससे मामला और व्यापक हो गया है।

अस्पताल भूमि पर अतिक्रमण के आरोप भी उभरकर आए

हड़ताल स्थल पर कुछ लोगों ने दावा किया कि अस्पताल जिस जमीन पर बना है, वहां अतिक्रमण किया गया है और नियमों का उल्लंघन हुआ है। इस मुद्दे ने भी प्रशासन के सामने नई जटिलता खड़ी कर दी है।

जब तक कार्रवाई नहीं – तब तक हड़ताल जारी

मृतका के करीबी महेश सिंह चौहान ने कहा हमारी बेटी गई, लेकिन अस्पताल पर कार्रवाई तक नहीं हुई। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।

जनभावनाओं में उबाल, शहर में न्याय की मांग बुलंद

इस पूरे मामले में सामाजिक संगठन, राजनीतिक दल, धार्मिक समूह, युवा मंडल सब एक साथ पीड़ित परिवार के समर्थन में खड़े होते दिख रहे हैं। शहर में चर्चाएं गर्म हैं और लोग प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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